भुवनेश्वर: एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति पहल के तहत ओडिशा सरकार ने 12 जनवरी को राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन का आयोजन करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम देशभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है और यह दिन स्वामी विवेकानंद की जयंती, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, के साथ संयोग करेगा। इस अवसर पर स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे तथा ‘आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प’ का पाठ कर आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे। प्रत्येक शैक्षणिक संस्था एक छात्र को ‘आत्मनिर्भर भारत एंबेसडर’ के रूप में नामित करेगी, जो साथियों के बीच आत्मनिर्भरता और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करेगा। इसके अतिरिक्त, छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य भर के युवा क्लब भी इस सामूहिक गायन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का समन्वय ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है।
विभाग ने कार्यक्रम के सुचारु और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। तैयारियों के तहत राज्यव्यापी ‘वंदे मातरम् प्रशिक्षण कार्यक्रम’ आयोजित किया गया, जिसके लिए ओडिशा को पांच जोनों—जयपुर, बरहामपुर, बालासोर, संबलपुर और भुवनेश्वर—में विभाजित किया गया। जोनल स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम ब्रह्मपुर, बालेश्वर और जयपुर में आयोजित किए गए। अंत में भुवनेश्वर जोनल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रत्येक ब्लॉक, नगर निगम और एनएसी से तीन-तीन शिक्षकों—दो विद्यालय स्तर से और एक महाविद्यालय या विश्वविद्यालय स्तर से—को जिला कलेक्टरों द्वारा नामित कर इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भेजा गया।

ये प्रशिक्षित शिक्षक आगे ब्लॉक, नगर निगम और एनएसी स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अन्य शिक्षकों और प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे। विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी स्तरों पर ‘वंदे मातरम्’ प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जनवरी 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएं। उत्कल विश्वविद्यालय में आयोजित भुवनेश्वर जोनल स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री सूर्यवंशी सुरज ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज बना और आज भी राष्ट्रीय चेतना एवं देशभक्ति की भावना को प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘वंदे मातरम्’ नागरिकों में साहस, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम का संचार करता है।
इस अवसर पर एकाम्र विधायक श्री बाबू सिंह, ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. विजय केतन उपाध्याय, खुर्दा कलेक्टर श्री अमृत रुतुराज, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री प्रताप चंद्र बेउरा, ओडिशा साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. चंद्रशेखर होता, उत्कल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यज्ञेश्वर दंडपाट, प्रख्यात समाजसेवी एवं आरएसएस के सह क्षेत्र प्रचारक श्री जगदीश प्रसाद खडंगा तथा प्रसिद्ध संगीतकार श्री रजनिकांत महापात्र, श्री यामिनी कांत मिश्र, श्री निरंजन पांडा और श्री दीपक राउत उपस्थित थे। कैप्शन: उत्कल विश्वविद्यालय में आयोजित “भुवनेश्वर जोनल स्तरीय वंदे मातरम् प्रशिक्षण कार्यक्रम” में संस्कृति मंत्री श्री सूर्यवंशी सुरज एवं अन्य अतिथि।

















