काराकास से सामने आई खबरों के मुताबिक अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को सार्वजनिक रूप से प्रचारित करना शुरू कर दिया है।
हालांकि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति को इस तरह गिरफ्तार किए जाने का दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर और उसकी सच्चाई
मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी एक वायरल फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है। तस्वीर में अमेरिकी सैन्य बल मादुरो को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह फोटो ANI की एडिटर स्मिता प्रकाश द्वारा री-ट्वीट की गई है। हालांकि अभी तक इस तस्वीर की आधिकारिक पुष्टि अमेरिका या वेनेजुएला की ओर से नहीं की गई है।
तस्वीर में क्या दिख रहा है
वायरल हो रही तस्वीर में निकोलस मादुरो काले रंग का जैकेट पहने हुए हैं और उनके दोनों ओर अमेरिकी सेना के जवान मौजूद हैं। उनके हाथ पीछे की ओर बंधे प्रतीत होते हैं और ऐसा लग रहा है कि उन्हें हेलीकॉप्टर से उतारा गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह तस्वीर अमेरिका पहुंचने के बाद की हो सकती है, लेकिन इसकी सत्यता अब तक प्रमाणित नहीं हुई है।
अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष की पृष्ठभूमि
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव कोई नया नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप पहले भी निकोलस मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के आरोप लगा चुके हैं। वेनेजुएला पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने लंबे समय से कैरेबियन क्षेत्र में एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर रखे थे। 3 जनवरी को हुए हमले के बाद मादुरो की गिरफ्तारी का दावा इसी टकराव की कड़ी माना जा रहा है।
पत्नी की गिरफ्तारी का भी दावा
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मादुरो की पत्नी को भी अमेरिका ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि इस संबंध में भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं अमेरिकी पक्ष का कहना है कि मादुरो को अमेरिका में मुकदमा चलाने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
रूस ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की
रूस ने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में किए गए अमेरिकी सैन्य हमले की कड़ी आलोचना की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे लैटिन अमेरिका की शांति के लिए बेहद खतरनाक बताया। रूस का कहना है कि इस हमले के पीछे कोई ठोस कारण नहीं था और यह कूटनीति पर वैचारिक शत्रुता के हावी होने का उदाहरण है।
तनाव घटाने और बातचीत की अपील
रूस ने अपने बयान में कहा कि वह वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है और इस समय सबसे जरूरी है कि तनाव को बढ़ने से रोका जाए। रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के विवाद का समाधान बातचीत और मध्यस्थता के जरिए होना चाहिए और वह इसमें सहयोग के लिए तैयार है।
मादुरो पर सस्पेंस बरकरार
इन तमाम घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि निकोलस मादुरो वास्तव में गिरफ्तार हुए हैं या नहीं। रूस के बयान में मादुरो का प्रत्यक्ष जिक्र नहीं है, जबकि ट्रंप और कुछ रिपब्लिकन नेताओं के दावे इस मुद्दे को और पेचीदा बना रहे हैं। जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति का रहस्य बना रहेगा।
















