नौसेना अधिकारी की बेटी और मुंबई के नेवी चिल्ड्रेन स्कूल की पूर्व छात्रा काम्या कार्तिकेयन ने महज 18 वर्ष की उम्र में दक्षिण ध्रुव पर स्कीइंग कर इतिहास रच दिया है। भारतीय नौसेना ने काम्या कार्तिकेयन की असाधारण हिम्मत और जज्बे की सराहना करते उन्हें और उनके पिता को बधाई दी है।
नौसेना ने इतिहास रचने पर दी बधाई
नौसेना ने मंगलवार (30 दिसंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक नौसेना अधिकारी की 18 वर्षीय बेटी और नेवी चिल्ड्रेन स्कूल की पूर्व छात्रा ने साउथ पोल तक स्कीइंग करके सबसे कम उम्र की भारतीय और दुनिया की दूसरी सबसे कम उम्र की महिला बनकर एक बार फिर इतिहास रचा है। काम्या ने –30 डिग्री सेल्सियस की ठंड और तेज हवाओं का सामना करते हुए, 89 डिग्री साउथ से लगभग 60 समुद्री मील (करीब 115 किमी) की दूरी पैदल तय की, जिसमें उन्होंने अपने पूरे अभियान का सामान लदी हुई स्लेज को खींचा और 27 दिसंबर 2025 को दक्षिण ध्रुव पर पहुंचीं।

नौसेना ने क्या कहा
नौसेना ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “पर्वतारोहण की यह प्रतिभा एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूरा करने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की शख्स बनने की राह पर है। यह एक ऐसा साहसिक कार्य है, जिसमें सभी सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ना और दोनों ध्रुवों तक स्कीइंग करना शामिल है।”
इससे पहले उन्होंने सेवन समिट्स चैलेंज पूरा किया था, जिसमें नेपाल की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय और विश्व की दूसरी सबसे कम उम्र की महिला होने का कारनामा भी शामिल है। भारतीय नौसेना ने उन्हें नॉर्थ पोल के लक्ष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही यह भी कहा कि काम्या की यह असाधारण उपलब्धि निश्चित रूप से उनकी पीढ़ी के कई लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया
काम्या ने सात महाद्वीपों में से प्रत्येक की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने वाली दुनिया की दूसरी सबसे कम उम्र की महिला होने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो, यूरोप की माउंट एल्ब्रस, ऑस्ट्रेलिया की माउंट कोसियुस्को, दक्षिण अमेरिका की माउंट एकॉनकागुआ, उत्तरी अमरीका की माउंट डेनाली, एशिया के माउंट एवरेस्ट और अंटार्कटिका पर विजय प्राप्त की है। युवा पवर्तारोही काम्या इस चुनौती पर विजय पाने के लिए 24 दिसंबर को अपने पिता कमांडर एस कार्तिकेयन के साथ माउंट विंसेंट अंटार्कटिका के शिखर पर पहुंचीं। काम्या को उनकी उपलब्धियों के लिए वर्ष 2021 में न केवल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेडियो कार्यक्रम मन-की-बात में उनकी प्रशंसा की।
बचपन से ही था ट्रेंकिग का शौक
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय नौसेना के अधिकारी एस. कार्तिकेयन की बेटी काम्या कार्तिकेयन मुंबई की रहने वाली हैं। उन्हें बचपन से ही ट्रेंकिग का शौक था। मात्र 7 वर्ष की उम्र में उन्होंने चंद्रशिला शिखर की अपनी पहली पर्वतारोहण यात्रा की थी। काम्या ने मुंबई के नेवी चिल्ड्रेन स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की है। वह पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रही हैं। काम्या कार्तिकेयन की पहली चढ़ाई माउंट किलिमंजारों (अफ्रीका) थी। इसकी ऊंचाई 5,895 मीटर (19,341 फीट) है, जिसे उन्होंने साल 2017 में पूरा किया था।

















