प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर कथित हमले की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति की अपील की है। यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हुई बताई जा रही है, जहां दोनों तरफ से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
घटना का विवरण
रूस का कहना है कि 28-29 दिसंबर की रात यूक्रेन ने उनके राष्ट्रपति के आवास पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की। यह आवास मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के बीच नवगोरोद इलाके में स्थित है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दावा किया कि 91 लंबी दूरी के ड्रोन इस्तेमाल किए गए, लेकिन रूसी एयर डिफेंस ने सभी को रोक लिया और नष्ट कर दिया। किसी तरह की कोई क्षति या चोट नहीं पहुंची। लावरोव ने इसे “आतंकवादी हमला” बताया और कहा कि अब यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए रूस अपनी बातचीत वाली पोजीशन को फिर से देखेगा। साथ ही, यूक्रेन में जवाबी हमलों के लिए टारगेट पहले से चुन लिए गए हैं।
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यूक्रेन का पक्ष
यूक्रेन ने रूस के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे “झूठ” बताया और कहा कि रूस इस कहानी का इस्तेमाल यूक्रेन के शहरों, खासकर कीव पर और हमले करने के बहाने के तौर पर कर रहा है। ज़ेलेंस्की ने कहा, “यह कथित ‘आवास पर हमला’ वाली कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत है, जिसका मकसद यूक्रेन पर अतिरिक्त हमले को जस्टिफाई करना और युद्ध खत्म करने के कदमों से पीछे हटना है।” उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन ऐसी कोई कार्रवाई नहीं करता जो बातचीत को नुकसान पहुंचाए, जबकि रूस इसका उल्टा कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे चुप न रहें और स्थायी शांति की कोशिशों में साथ दें।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने 30 दिसंबर 2025 को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों से गहरी चिंता है। चल रही कूटनीतिक कोशिशें ही दुश्मनी खत्म करने और शांति हासिल करने का सबसे कारगर रास्ता हैं। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे इन कोशिशों पर फोकस रखें और ऐसी कोई कार्रवाई न करें जो इन्हें कमजोर करे।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये बयान भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति को दिखाता है, जहां वह युद्ध के बजाय बातचीत और संवाद पर जोर देता है।

















