Who is IPS Shailesh Pandey: लखनऊ में पुलिस मंथन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने डीआईजी आगरा रेंज शैलेश पांडेय को सम्मानित किया। उन्हें अतीक गैंग की रीढ़ तोड़ने वाले पुलिस अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें यह सम्मान प्रयागराज में एसएसपी रहते हुए माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए दिया। आइए उनके बारे में जानते हैं।
कौन हैं शैलेश पांडेय?
शैलेश पांडेय 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह बिहार के रहने वाले हैं। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई पटना से हुई है। मुंबई से उन्होंने ग्रेजुएशन किया है। बताया जाता है कि उन्होंने यूपीएससी क्रैक करने से पहले एक ऑस्ट्रियन कंपनी में पांच साल नौकरी की थी। नौकरी छोड़ने के बाद उनकी राह बदली और यूपीएससी क्रैक करके वह आईपीएस अधिकारी बनें।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें खाकी वर्दी पहनने की प्रेरणा अपने पिता से मिली जो कि पुलिस अधिकारी रहे। वह बरेली, बागपत, जौनपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोंडा जैसे जिलों में पुलिस कप्तान रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी अफसर हैं।
नवंबर 2022 तक रहे प्रयागराज के एसएसपी
40 साल से बेखाैफ अपराध की दुनिया चला रहे अतीक अहमद के खिलाफ अभियान शैलेश पांडेय ने ही चलाया था। उन्होंने ही एक-एक कर अतीक की 300 करोड़ की संपत्ति को जब्त कराया था। अतीक को सजा दिलाने में भी उनकी ही अहम भूमिका रही थी। साल 2023 में माफिया अतीक अहमद को पहली बार किसी मुकदमे में सजा सुनाई गई थी। उसे उमेश पाल अपहरण केस में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। शैलेश पांडेय नवंबर 2022 तक प्रयागराज के एसएसपी थे। उन्होंने ही माफिया रहे अतीक अहमद की संपत्तियों को चिह्नित कराया और फिर इन संपत्तियों को जब्त कराने की कार्रवाई हुई।
400 से अधिक एनकाउंटर… दंगा होने से भी बचाया
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आईपीएस शैलेश पांडेय ऐसे पुलिस अधिकारी हैं जिनका नाम 400 से अधिक एनकाउंटर का रिकॉर्ड है। उन्होंने अपने करियर में कई बड़े कुख्यात माफियाओं को ढेर किया है। उन्होंने ही प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद गैंग पर ताबड़तोड़ एक्शन लेकर इस गैंग की कमर तोड़ी थी। रमजान के महीने में दंगा होने से भी बचाया था। साल 2020 में एसएसपी बरेली रहते हुए उन्हें पुलिस महानिदेशक प्रशंसा चिन्ह भी मिला था। अप्रैल 2025 में उन्हें आगरा का डीआईजी बनाया गया।
















