नई दिल्ली: पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के आठ महीने बाद यह बात मान ली है कि भारतीय सेना के इस ऑपरेशन से उनको काफी नुकसान पहुंचा था। डिप्टी पीएम इशाक डार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एयरबेस को काफी नुकसान पहुंचा था। उन्होंने यह बात मानी कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी एयरबेस और सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान हुआ और वहां तैनात सुरक्षाकर्मी घायल हुए। यह पहली बार है जब पाकिस्तान के किसी बड़े नेता ने यह बात सार्वजनिक तौर पर मानी है कि भारत के हमले से उनको काफी नुकसान पहुंचा था।
इशाक डार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कबूल की है।
भारत ने भेजे थे बड़ी संख्या में ड्रोन… हुआ काफी नुकसान
इशाक डार ने कहा कि भारत ने बेहद कम समय में पाकिस्तान में एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे थे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 36 घंटे के अंदर 80 ड्रोन पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो चुके थे। नूर खान एयरबेस को इससे काफी नुकसान पहुंचा था।
पाकिस्तान के नेता डरकर बंकरों में छिपने की रहे थे सोच
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कुल 11 एयरबेस को निशाना बनाया था। इन एयरबेस में नूर खान एयरबेस भी शामिल था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमानों को नष्ट किया था और उनके रनवे को भी बर्बाद कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान घबरा गया था। इससे पहले पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का कहना था कि भारतीय सेना का शौर्य देखकर पाकिस्तान के बड़े नेताओं की भी हालत इतनी पतली हो चुकी थी कि वो खुदको बचाने के लिए बंकरों में छिपने तक की सोच रहे थे। उन्होंने माना था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में खौफ का माहौल था। उन्होंने एक कार्यक्रम में यह स्वीकार किया था कि भारत की कार्रवाई को देखते हुए उस दौरान पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व में एक डर का माहौल था। मिलिट्री सेक्रेटरी ने उन्हें भी अपनी सुरक्षा के लिए बंकर में जाने की सलाह तक दे डाली थी।
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। भारतीय सशस्त्र सेनाओं और सीमा सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के एयरबेस को नष्ट कर दिया था और कई आतंकियों को मार गिराया था।

















