भुवनेश्वर: ओडिशा में गोवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस और गौसेवकों की सतर्कता के चलते दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-16 पर एक कंटेनर से 31 गाय-बछड़ों को मुक्त कराया गया, जबकि भद्रक जिले के बासुदेवपुर इलाके में गोवंश से लदे एक ट्रक को जब्त कर 44 गौवंशों को सुरक्षित निकाला गया। दोनों ही मामलों में गोवंशों को अत्यंत अमानवीय और क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा था, जिससे कई पशु घायल अवस्था में पाए गए। घटनाओं के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और गौसेवकों में भारी आक्रोश देखा गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर कंटेनर से 31 गोवंश बरामद
भुवनेश्वर के खंडगिरि थाना क्षेत्र अंतर्गत पात्रपडा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-16 पर गोवंश से लदे एक कंटेनर को रोके जाने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कंटेनर आंध्र प्रदेश से पश्चिम बंगाल की ओर जा रहा था। किसी विश्वसनीय सूचना के आधार पर गौसेवक पहले से ही पात्रपडा क्षेत्र में सतर्क थे।
जैसे ही कंटेनर पात्रपडा फुटओवरब्रिज पार कर रहा था, गौसेवकों ने चालक को वाहन रोकने का संकेत दिया। आरोप है कि चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी, जिसके बाद गौसेवकों ने पीछा कर वी-2 चौक के सामने कंटेनर को रोक लिया। गौसेवकों ने वाहन के अंदर मौजूद सामग्री दिखाने की मांग की, लेकिन तस्करों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी और फिर हाथापाई हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचोबीच हुए इस हंगामे से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। खोरधा से भुवनेश्वर की ओर जाने वाली कई गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं। इस दौरान कुछ गौसेवक कंटेनर पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलते ही खंडगिरि थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया, जिससे बड़ी घटना टल गई।
पुलिस ने इस मामले में तीन पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के वीरेंद्र वर्मा, वाजिद नूर हुसैन और महाराष्ट्र के शेख वजीम नवाज के रूप में हुई है। चार तस्करों में से एक आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। कंटेनर से कुल 31 गोवंश—20 गाय और 11 बछड़े—बरामद किए गए, जिन्हें पात्रपडा स्थित एक गोशाला में सुरक्षित रखा गया है। कंटेनर के भीतर गोवंशों को बेहद क्रूर तरीके से भरा गया था। जगह की कमी और लंबे सफर के कारण कई गाय-बछड़े घायल और रक्तरंजित अवस्था में पाए गए। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भद्रक में ट्रक से 44 गौवंश मुक्त, चालक समेत दो हिरासत में
दूसरी ओर, भद्रक जिले के बासुदेवपुर इलाके में भी गोवंश तस्करी का एक मामला सामने आया है। बासुदेवपुर–धामरा मार्ग पर पुलिस ने बिदेईपुर चक के पास नाकेबंदी कर गोवंश से लदे एक ट्रक को जब्त किया। इस दौरान ट्रक चालक और उसके एक सहयोगी को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, धामरा क्षेत्र से गोवंश लेकर एक ट्रक के जमुझाड़ी की ओर जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर बासुदेवपुर और नायकानिडिहि थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका। इसी दौरान स्थानीय गौसेवक भी मौके पर पहुंच गए। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें 44 गोवंश पाए गए, जिन्हें सुरक्षित निकालकर चांदीमाला स्थित गोशाला में भेज दिया गया।
ट्रक में गोवंशों की संख्या और उनकी हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कई पशु कमजोर और थके हुए दिखाई दिए। तत्काल ट्रक को गोशाला ले जाकर गोवंशों को उतारने, उपचार और देखभाल की व्यवस्था की गई। इस कार्रवाई में नायकानिडिहि थाना प्रभारी उमाशंकर नायक, बासुदेवपुर थाना प्रभारी लोपामुद्रा नायक सहित अन्य पुलिसकर्मी और गौसेवक शामिल रहे। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बढ़ती तस्करी पर चिंता
ओडिशा में हो रहे गौवंशों की तस्करी की घटनाएं नियमित होने के कारण पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगा है। बार बार इस संबंध में मांग किये जाने के बाद भी प्रशासन इस मामले में कडाई बरत नहीं रही है । गौसेवकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निगरानी और सख्ती बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।। उधर पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है ।

















