अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO से जुड़े हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। सरकार अब EPFO से जुड़े नियमों को और आसान बनाने जा रही है, जिससे कर्मचारियों को अपने PF (प्रोविडेंट फंड) से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी। अब न तो बार-बार ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही पैसे निकालने में मुश्किल होगी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट के ज़रिए इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पहले बहुत से लोगों के PF अकाउंट में पैसा पड़ा रह जाता था, लेकिन उसे निकालना इतना मुश्किल होता था कि कई लोग अपना पैसा वहीं छोड़ देते थे। अब सरकार इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने जा रही है।
अब इनएक्टिव PF अकाउंट होंगे एक्टिव- मंत्री ने बताया कि अब इनएक्टिव (निष्क्रिय) PF अकाउंट को पहचाना जाएगा। ऐसे अकाउंट जिनमें पैसा तो है लेकिन लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है, उन्हें सिस्टम के जरिए खोजा जाएगा। इसके बाद उन अकाउंट्स का KYC (Know Your Customer) पूरा करवाया जाएगा। KYC पूरी होते ही उस कर्मचारी का पैसा सीधे उसके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा, जिनका पैसा सालों से अटका हुआ था।
अब हर समस्या का समाधान एक ही जगह- EPFO अब अपने सभी दफ्तरों को टेक्नोलॉजी से जोड़कर एक सिंगल विंडो सिस्टम बना रहा है। इसका मतलब यह है कि अब किसी भी समस्या के लिए अलग-अलग ऑफिसों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर किसी कर्मचारी का PF अकाउंट किसी और शहर या राज्य में है, तब भी वह अपने नजदीकी EPFO ऑफिस से ही अपनी समस्या का समाधान करवा सकेगा। इससे समय बचेगा और लोगों को काफी राहत मिलेगी। सरकार का मकसद है कि EPFO से जुड़ी हर सेवा आसान, तेज और पारदर्शी बने। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को फायदा होगा बल्कि कंपनियों के लिए भी काम करना आसान हो जाएगा। आने वाले समय में EPFO के कामकाज में प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी जोड़ा जाएगा। ये सर्विस प्रोवाइडर कर्मचारियों को सही जानकारी देने, फॉर्म भरने और प्रोसेस को आसान बनाने में मदद करेंगे।
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कर्मचारियों को क्या फायदा होगा- PF निकालना आसान होगा, पैसे अटकने की समस्या खत्म होगी, किसी भी EPFO ऑफिस से काम हो जाएगा, समय और मेहनत दोनों की बचत होगी, सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी।














