अगर आप नौकरी बदलते हैं, तो अब आपको अपने पुराने नियोक्ता (Employer) से PF ट्रांसफर करवाने की चिंता नहीं करनी होगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अब एक नया ऑटोमैटिक PF ट्रांसफर सिस्टम शुरू कर दिया है, जो 2025 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब आपका EPF बैलेंस अपने आप नए कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।
पहले क्या होता था- जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता था, तो उसे Form-13 भरना पड़ता था। इस फॉर्म के जरिए उसे अपने पुराने EPF अकाउंट का पैसा नए अकाउंट में ट्रांसफर करवाना होता था। इसके बाद पुराने और नए दोनों नियोक्ताओं से वैरिफिकेशन (सत्यापन) की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस पूरी प्रक्रिया में 1 से 2 महीने का समय लग जाता था। कई बार तो ट्रांसफर रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो जाती थी या फॉर्म में गलती होने की वजह से ब्याज (इंटरेस्ट) का नुकसान भी झेलना पड़ता था। EPFO के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल लाखों ट्रांसफर क्लेम पेंडिंग रह जाते थे, जिससे कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। EPFO ने यह परेशानी खत्म कर दी है। अब जैसे ही आप नई कंपनी में जॉइन करेंगे और नई कंपनी आपके लिए EPF में योगदान (PF deduction) शुरू करेगी, आपका पुराना PF बैलेंस अपने आप नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।
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क्या है नया ऑटोमैटिक ट्रांसफर सिस्टम- EPFO ने अपने सभी सिस्टम को UAN से जोड़ दिया है। हर कर्मचारी का एक यूनिक UAN नंबर होता है, जो उसके पूरे करियर में वही रहता है। चाहे आप 5 बार नौकरी बदलें या 10 बार, आपका UAN नंबर नहीं बदलता। जब आप नई नौकरी में जाते हैं और आपकी नई कंपनी आपका वही UAN नंबर एक्टिव करती है, तो EPFO के सर्वर पर यह जानकारी अपने आप अपडेट हो जाती है। इसके बाद सिस्टम यह पहचान लेता है कि यह कर्मचारी पहले किसी और कंपनी में PF जमा करा रहा था। फिर पुरानी कंपनी का PF बैलेंस अपने आप नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। इस प्रक्रिया में न तो आपको कोई फॉर्म भरना पड़ेगा और न ही पुराने नियोक्ता के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम- हर कर्मचारी का EPF अकाउंट उसके UAN नंबर से जुड़ा रहेगा। जब आप नई कंपनी में जॉइन करते हैं और HR आपका UAN डालकर EPFO पोर्टल पर जानकारी अपडेट करता है, तो सिस्टम पुरानी नौकरी का डेटा पहचान लेगा। EPFO सर्वर पुराने नियोक्ता के खाते से आपके PF बैलेंस को निकालकर सीधे नए नियोक्ता के खाते में भेज देगा। जैसे ही ट्रांसफर पूरा होगा, आपको SMS या ईमेल के जरिए सूचना मिल जाएगी।
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा- अब किसी भी फॉर्म या दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरा ट्रांसफर अपने आप और कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। पहले की तरह महीनों तक इंतजार करने की वजह से ब्याज का नुकसान नहीं होगा। अब मैन्युअल प्रक्रिया खत्म होने से क्लेम रिजेक्शन के मामले लगभग न के बराबर होंगे। आपका पूरा PF डेटा एक ही जगह रहेगा, जिससे निकासी और ट्रैकिंग आसान होगी। यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए होगी जिनका UAN नंबर एक्टिव और आधार से लिंक है। साथ ही उनकी KYC डिटेल्स (जैसे आधार, पैन, बैंक अकाउंट नंबर) EPFO पोर्टल पर अपडेट हैं। अगर किसी कर्मचारी की ये जानकारियां अधूरी हैं, तो उसे पहले अपनी KYC अपडेट करनी होगी।













