नई दिल्ली/पणजी: पाञ्चजन्य गोवा सागर मंथन संवाद 2025 की शुरुआत हो चुकी है। पाञ्चजन्य पत्रिका के संपादक हितेश शंकर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी. एल संतोष, संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी और बृज बिहारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर गोवा सागर मंथन 4:0 आरंभ किया। यह कार्यक्रम डबल ट्री बाय हिल्टन होटल में हो रहा है।
पाञ्चजन्य पत्रिका के संपादक हितेश शंकर ने कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए कहा कि सागर मंथन एक शब्द नहीं है। एक बड़ी प्रक्रिया है जिसका सांस्कृति संदर्भ है। उन्होंने कहा कि गोवा में बैठकर राष्ट्र के विमर्श की चर्चा करेंगे। यह एक विशिष्ट बौद्धिक कार्यक्रम होने जा रहा है। पाञ्चजन्य का बीज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने रखा। पहले संपादक अटल बिहारी वाजपेयी जी हुए। उन्होंने कहा कि पाञ्चजन्य का विस्तार हुआ है और करोड़ों लोग वीडियो देखते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी. एल संतोष ने कार्यक्रम के पहले सत्र में बातचीत करते हुए कहा कि संगठन स्वतंत्र होकर काम करता है। उन्होंने कहा कि विचार के क्रियान्वयन के लिए सत्ता जरूरी है। सत्ता प्राप्त करना हमारा लक्ष्य है। सत्ता भोगने के लिए नहीं है। चुनाव जीतने के लिए लिबरल का सपोर्ट खोना भी पड़ता है। हम विचारधारा के लिए समर्पित हैं। संघ और पार्टी समन्वय से काम करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी केंद्रीकत पार्टी नहीं है। लोकतांत्रिक पार्टी है।
उन्होंने कहा कि हमने 14 करोड़ सदस्य बनाए हैं। यह किसी एक व्यक्ति ने नहीं किया है। संगठन ने मिलकर किया है। जो विवेकी है और समझदार है उस व्यक्ति को बीच में बैठाना पड़ता है।

यह कार्यक्रम शाम 7 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी. एल संतोष और संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप के साथ ही कई अन्य गणमान्य अथिति शामिल हो रहे हैं। इस कार्यक्रम को दर्शक पाञ्चजन्य के फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव देख सकेंगे।















