बिहार विधानसभा चुनाव -2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार इतिहास रचते हुए आज (गुरुवार 20.11.2025) को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए पटना का गांधी मैदान तैयार है। यही पर शपथ ग्रहण होगा। 74 वर्षीय नेता को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शपथ दिलाएंगे। समारोह में इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
नीतीश की राजनीतिक पृष्ठभूमि
नीतीश कुमार के सियासी सफर की बात करें तो वो 2005 में पहली बार सीएम बने, तब से लेकर अब तक उन्होंने कई बार गठबंधन बदले – आरजेडी से अलग होकर बीजेपी के साथ आए, फिर महागठबंधन में गए और अब फिर एनडीए में लौटे। इस बार चुनावों में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतीं, जिसमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी 89 सीटों के साथ। नीतीश को एनडीए विधायकों की बैठक में नेता चुना गया। पांच पार्टियों – जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी(आरवी), एचएएम(एस) और आरएलएम – के विधायकों ने उनका समर्थन किया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सरकार बनाने का दावा सौंपा गया।
बीजेपी विधायक दल के नेता हैं सम्राट चौधरी
बीजेपी ने भी अपनी रणनीति साफ रखी। उन्होंने सम्राट चौधरी को अपना विधायक दल नेता चुना, जो ओबीसी कुशवाहा समुदाय से हैं। उपनेता के तौर पर विजय कुमार सिन्हा को रखा गया, जो भूमिहार जाति से हैं। ये पिछड़ी और ऊपरी जातियों का संयोजन है, जो चुनाव में बीजेपी की सीटों का आधार बना। दोनों पार्टियों ने लंबी चर्चाओं के बाद मंत्रिमंडल के फॉर्मूले पर सहमति जताई।
जेडीयू चाहती थी स्पीकर पद पर कब्जा, लेकिन बीजेपी ने गृह विभाग पर जोर दिया। आखिरकार, मौजूदा व्यवस्था यथावत रही। पुराने मंत्रियों में बीजेपी से नीतिन नवीन, मंगल पांडेय, नीतीश मिश्रा और संजय सरोजी को बरकरार रखा जा सकता है। जेडीयू से विजय कुमार चौधरी, लेस्ली सिंह और श्रवण कुमार फिर मंत्री बन सकते हैं। छोटे सहयोगियों से भी एक-दो नाम शामिल होने की उम्मीद है।
















