अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में एक जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया है, जो पाकिस्तान से जुड़ा हुआ लगता है। इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि राज्य चीन की सीमा से लगा हुआ है और वहां तनाव पहले से चल रहा है। जांच में शुरुआती संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के तार चीन से भी जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तारियां और आरोपी
11 दिसंबर को इटानगर में दो कश्मीरी युवकों को गिरफ्तार किया गया। ये थे नाजिर अहमद मलिक और सबीर अहमद मीर, दोनों जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से। वे यहां कंबल बेचने का काम करते थे और लंबे समय से राज्य में रह रहे थे। पुलिस को पता चला कि ये पाकिस्तानी हैंडलरों से संपर्क में थे। वे एन्क्रिप्टेड टेलीग्राम चैनलों के जरिए सेना की गतिविधियों और संवेदनशील जानकारी भेज रहे थे।
इनकी पूछताछ के आधार पर दो दिन बाद दो और कश्मीरी युवकों को पकड़ा गया। फिर असम के तेजपुर से रिटायर्ड इंडियन एयर फोर्स अफसर कुलेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर पांच लोग पकड़े गए। आरोपी सीमा पार घुसपैठ और हथियार तस्करी में भी मदद करने की कोशिश कर रहे थे। वे लोकल मुस्लिम समुदाय के युवकों से स्लीपर सेल बनाने की फिराक में थे। नेटवर्क असम तक फैला हुआ था।
पाकिस्तान और चीन का कनेक्शन
जांच में सामने आया कि आरोपी सेना की तैनाती, लोकेशन और मूवमेंट की डिटेल पाकिस्तान भेज रहे थे। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि शुरुआती जांच से इस नेटवर्क के चीन से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पाकिस्तान शायद प्रॉक्सी की भूमिका निभा रहा है।
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अरुणाचल के गृह मंत्री मामा नटुंग ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। जांच से और नई जानकारी आने की उम्मीद है।
बॉर्डर पर चीन की गतिविधियां
अरुणाचल की चीन से 1126 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो तिब्बत से लगती है। चीन इसे साउथ तिब्बत मानता है और जगहों के नाम बदलता रहता है। वहां चीनी सेना की मौजूदगी बढ़ी है। अंजॉ जिले के कपापू इलाके में कई कैंप लगे हैं। मैकमहोन लाइन से 40 किलोमीटर दूर तिब्बत के ल्हुंजे एयरबेस पर फाइटर जेट तैनात हैं और स्थायी हैंगर बनाए गए हैं।
चीन ने बॉर्डर के पास बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है, जैसे बुलेट ट्रेन, सड़कें और नए गांव। बड़े डैम भी बना रहा है, जिससे भारत और बांग्लादेश को चिंता है। लोकल लोग चीनी सैनिकों की घुसपैठ और युवकों के अपहरण की शिकायत करते रहते हैं।
सुरक्षा का अलर्ट
इस खुलासे के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं और और संदिग्धों की तलाश जारी है। एजेंसियां मान रही हैं कि यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क हो सकता है। बॉर्डर एरिया में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। डिफेंस एक्सपर्ट्स कहते हैं कि चीन भारत पर दबाव बनाने के लिए ऐसी हरकतें कर रहा है, और पाकिस्तान की मदद ले रहा है। ज्यादा सतर्कता की जरूरत है।

















