पाकिस्तान आतंक की काली फैक्ट्री तो है ही, दोगलेपन और बेशर्मी भी उसमें कूट-कूटकर भरी है! उसके नागरिकों को इस्लामी मुल्कों से बाहर निकाल दिया जाता है, क्योंकि वे वहां भीख मांगने जाते हैं। वह अपनी इस अंतर्राष्ट्रीय शर्म पर चुप रहता है। उसके यहां बेअदबी के नाम पर मुस्लिम औरतों के साथ अन्याय होता रहता है, मगर वह तब भी कुछ नहीं कहता है। इज्जत के नाम पर लड़कियों को मार डालते हैं, मगर वह बेशर्मी से हंसता रहता है। हिंदू और ईसाई लड़कियों के अपहरण और बलात्कार पर भी वह चुप रहता है।
उसकी बेशर्मी तब अपने सबसे घिनौने रूप में आती है, जब वह भारत पर किसी मामले को लेकर उंगली उठाता है, जैसे अभी बिहार में डॉक्टर नुसरत के मामले में उसने ऐसा ही किया। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नुसरत के चेहरे से हिजाब हटाने को पाकिस्तान के मंत्री इशाक डार ने इस्लामोफोबिया की बढ़ती समस्या कहा। यह और भी हास्यास्पद है कि एक अटपटी घटना को इस्लामोफोबिया जैसी झूठी धारणा से जोड़ा जाए। इस्लामोफोबिया की धारणा पर प्रश्न उठते हैं और यह कहा जाता है कि इस्लामी कट्टरता का बचाव करने के लिए इस शब्द को बनाया गया।
पाकिस्तान का दोगलापन
पाकिस्तान के दोगलेपन का एक और उदाहरण सामने आया है। विदेश मंत्री इशाक डार भारत में जब इस्लामोफोबिया पर चिंता जता रहे थे तो उसी समय पाकिस्तान में हिंदुओं और ईसाई लड़कियों पर अत्याचारों पर कहकहे लग रहे थे।
हिंदू महिला और उसकी बेटी को अगवा किया
9 दिसंबर 2025 को पाकिस्तान के कराची शहर में एक हिन्दू महिला और उसकी बच्ची को बंदूकधारियों ने दिनदहाड़े अगवा कर लिया था। परिवार के अनुसार रानी जैसे ही घर से बाहर निकली, उसी दौरान तीन हथियारबंद लोग आए और उसे एक सफेद कार में जबरदस्ती बैठाकर भाग निकले। उसकी छोटी बेटी भी तभी से लापता है। मगर पाकिस्तान के नेता इस बात पर शर्मनाक चुप्पी साधे रहते हैं।
नवविवाहिता को अगवा करने की कोशिश
इसके साथ ही एक नवविवाहिता शादी के अगले ही दिन अगवा करने का प्रयास किया गया था। सिंध के उमरकोट में भागवी को अगवा करने का प्रयास किया गया था। हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा शोर मचाने पर अपराधी भाग गए।
हिंदुओं के लिए आवाज उठाने वाले शिव काछी को धमकी
पाकिस्तान में हिंदुओं के लिए आवाज उठाने वाले शिव काछी को लेकर भी पाकिस्तान में नकारात्मक अभियान चलाया जा रहा है। शिव काछी इनदिनों एक्स पर लगातार यह रहे हैं कि उन्हें केवल इसलिए मजहबी कट्टरपंथियों द्वारा धमकाया जा रहा है क्योंकि वे लगातार हिंदुओं के लिए काम कर रहे हैं। शिव काछी को लेकर कट्टरपंथी तत्व यह कह रहे हैं कि वे मजहब का काम करने में बाधा डाल रहे हैं।
ईसाई लड़कियों का अपहरण
हिंदुओं के साथ ईसाई लड़कियों का भी अपहरण और जबरन निकाह हो रहा है। 17 दिसंबर को ही Christian daily ने लिखा कि जिसकी उम्र मात्र 6 वर्ष की है और उसका बलात्कार एक मुस्लिम लड़के ने किया। इसके अनुसार सलीम मसीह की छह साल की बेटी का बलात्कार उसे ट्यूशन पढ़ाने वाले लड़के ने किया। पुलिस ने उस लड़के को गिरफ्तार कर लिया है, मगर वे लोग ईसाई परिवार पर दबाव डाल रहे हैं कि वह शिकायत वापस ले लें। उन्होंने धमकी भी दी कि अगर सेटलमेंट नहीं किया तो उनकी ज़िंदगी को ऐसा बना देंगे कि कोई उनके साथ खड़ा नहीं होगा।
इस पर क्या कहेंगे इशाक डार
इशाक डार को अपने मुल्क में हो रही इन घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए, या फिर वह यह कहना चाहते हैं कि मुस्लिम अपराधियों द्वारा पाकिस्तान में हिन्दू और ईसाई लड़कियों के साथ जो किया जा रहा है, उसका विरोध करना इस्लामोफोबिया कहलाया जाएगा? क्योंकि हिन्दू और ईसाई महिलाओं के मन में इन घटनाओं के बाद मुस्लिम समुदाय के प्रति डर तो बढ़ेगा ही!

















