राजस्थान का जैसलमेर शहर “गोल्डन सिटी” के नाम से जाना जाता है। पीले पत्थरों से बने किले, रेगिस्तान की रेत, ऊँट की सवारी और लोक संस्कृति इसे खास बनाती है। अगर आप सर्दियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो दिसंबर और जनवरी का समय जैसलमेर के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस मौसम में न ज्यादा गर्मी होती है और न ही ठंड बहुत परेशान करती है। आइए जानते हैं जैसलमेर की कुछ खास जगहों के बारे में।
जैसलमेर किला
जैसलमेर किला भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है। यह किला पूरी तरह पीले पत्थरों से बना हुआ है, इसलिए इसे सोनार किला भी कहते हैं। दिसंबर–जनवरी में यहां घूमना बहुत आरामदायक रहता है। किले के अंदर मंदिर, हवेलियां, दुकानें और कैफे हैं। शाम के समय किले से सूरज ढलते देखना एक यादगार अनुभव होता है।
सम सैंड ड्यून्स
अगर जैसलमेर आएं और रेगिस्तान न देखें, तो यात्रा अधूरी मानी जाती है। सम सैंड ड्यून्स जैसलमेर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। यहां आप ऊँट की सवारी, जीप सफारी और डेजर्ट कैंप का मज़ा ले सकते हैं। सर्दियों में यहां रात बिताना बहुत अच्छा लगता है। लोक नृत्य और राजस्थानी खाने का स्वाद आपकी यात्रा को खास बना देता है।
गड़ीसर झील
गड़ीसर झील जैसलमेर की एक शांत और सुंदर जगह है। सुबह या शाम के समय यहां घूमना बहुत अच्छा लगता है। सर्दियों में यहां का मौसम ठंडा और सुहावना होता है। आप यहां नाव की सवारी भी कर सकते हैं और फोटोग्राफी के लिए यह जगह बहुत बढ़िया है।
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तनोट माता मंदिर
तनोट माता मंदिर भारत–पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित है। यह मंदिर अपनी चमत्कारी कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों में यहां जाना आसान रहता है और रास्ते में रेगिस्तान का सुंदर नज़ारा देखने को मिलता है।
कुलधरा गांव
कुलधरा एक रहस्यमयी गांव है, जो सालों पहले खाली हो गया था। यहां की कहानियां लोगों को आकर्षित करती हैं। ठंड के मौसम में यहां घूमना ज्यादा आरामदायक होता है और पर्यटक बिना थके इस जगह को देख सकते हैं।

















