केंद्र सरकार ने आधार कार्ड से जुड़े कुछ नए नियमों को मंजूरी दे दी है, जो आम लोगों के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं। ये बदलाव डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के तहत किए गए हैं। इनका मुख्य मकसद आधार के इस्तेमाल को आसान बनाना और लोगों की प्राइवेसी को पहले से ज्यादा सुरक्षित करना है।नए नियमों के लागू होने के बाद आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी कामों तक सीमित नहीं रहेगा। अब निजी कंपनियां भी कानूनी तरीके से आधार सिस्टम का उपयोग कर सकेंगी। इससे बैंकिंग, बीमा, टेलीकॉम, यात्रा और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्रों में आधार आधारित वेरिफिकेशन आसान हो जाएगा।
फेस ऑथेंटिकेशन को मिली मंजूरी- इन नियमों का सबसे बड़ा बदलाव फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़ा है। अब आधार वेरिफिकेशन के लिए चेहरे की पहचान का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पहले कई सरकारी संस्थानों में फेस वेरिफिकेशन की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब इसे मान्यता दी जा रही है। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह सुविधा बहुत उपयोगी होगी, जिनके फिंगरप्रिंट या आंखों की स्कैनिंग ठीक से काम नहीं करती, जैसे बुजुर्ग या मजदूर वर्ग के लोग।फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि आधार होल्डर खुद मौके पर मौजूद है। इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तकनीक पहले से बुक किए गए टिकट वाले इवेंट्स में भी इस्तेमाल की जा सकती है, ताकि सही व्यक्ति की मौजूदगी की पुष्टि हो सके और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।
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अब आधार जानकारी होगी यूजर की मर्जी से साझा- UIDAI इन सभी बदलावों को एक नए और रीडिजाइन किए गए आधार ऐप के जरिए लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस ऐप के माध्यम से लोग आसानी से यह तय कर सकेंगे कि वे अपनी कौन-सी जानकारी साझा करना चाहते हैं और किसके साथ। इसे “पर्पस लिमिटेशन” कहा जा रहा है, यानी सिर्फ उसी काम के लिए डाटा शेयर होगा, जिसके लिए जरूरत हो। नए नियमों के तहत आधार होल्डर को यह अधिकार मिलेगा कि वह अपनी फोटो, उम्र और अन्य जानकारियां अपनी मर्जी से साझा करे। बिना अनुमति के कोई भी संस्था पूरी जानकारी नहीं ले सकेगी। इससे लोगों का अपने डाटा पर नियंत्रण बढ़ेगा और प्राइवेसी सुरक्षित रहेगी। सरकार का कहना है कि ये नियम डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। डिजिटल इंडिया के इस दौर में आधार का सुरक्षित और सीमित इस्तेमाल बहुत जरूरी है। कुल मिलाकर, ये नए नियम आधार को ज्यादा उपयोगी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।














