बॉन्डी बीच आतंकी हमला: सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के आरोपी नवेद अकरम को उस इस्लामिक ग्रुप ने साफ-साफ नकार दिया है, जिससे वो किशोर अवस्था में जुड़ा हुआ था। स्ट्रीट दावाह मूवमेंट (SDM) नाम के इस ग्रुप ने नावेद को “अपराधी, गुंडा और आतंकवादी” बताया है। ग्रुप का कहना है कि नावेद सिर्फ कुछ समय के लिए उनके पास आया था और अब उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। मुख्य बात ये है कि ये इस्लामिक संगठन ऑस्ट्रेलिया में इस्लामिक कट्टरता फैलाने के लिए कुख्यात रहा है।
सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 24 साल के नावेद अकरम ने अपने अब्बू साजिद अकरम के साथ मिलकर 14 दिसंबर को बॉन्डी बीच पर हनुक्का मनाते यहूदी परिवारों पर गोली चलाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हमले में 15 लोग मारे गए और कई घायल हुए। साजिद अकरम को पुलिस ने ढेर कर दिया था। नावेद पर आतंकवाद, 15 हत्याओं समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। हमले के बाद प्रो-इस्लामिक स्टेट सोशल मीडिया पर वीडियो आए, जिनमें हमले की तारीफ की गई और नावेद के पुराने दावाह वाले वीडियो दिखाए गए।
SDM का नावेद से कनेक्शन
नावेद 2019 में किशोर उम्र में SDM से जुड़ा था। उस समय की फोटो और वीडियो में वो ग्रुप के साथ दिखता है। लेकिन SDM के प्रवक्ता ने कहा कि वो सिर्फ “विजिटर” था और थोड़े समय के लिए आया। ग्रुप ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। प्रवक्ता बोले, “ये हमारा नहीं है। ऐसे लोग धोखेबाज होते हैं। हम बैंकस्टाउन जैसे इलाके में काम करते हैं, जहां मुश्किलें ज्यादा हैं, लेकिन हम आतंकवाद से कोई संबंध नहीं रखते। हम तो कम्युनिटी ग्रुप हैं जो किसी की भी मदद करते हैं।”
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ग्रुप के दूसरे लिंक और चिंताएं
SDM से कुछ दूसरे लोग भी जुड़े रहे हैं, जो बाद में आतंकवाद से संबंधित मामलों में पकड़े गए। जैसे जोसेफ सादीह और यूसुफ उवेनात, जो इस्लामिक स्टेट से लिंक वाले थे। इनमें से कुछ को 2018 में पकड़ी गई IS सेल से जोड़ा गया। ग्रुप ने कहा कि ऐसे लोग बाद में दूसरे कट्टरपंथी मौलाना विस्साम हद्दाद के संपर्क में आए। SDM वाले हद्दाद पर आरोप लगाते हैं कि वो कमजोर और अस्थिर युवाओं का फायदा उठाते हैं। एक मुस्लिम कम्युनिटी सूत्र ने कहा कि ऐसे युवा अक्सर टूटे परिवारों से आते हैं और हद्दाद जैसे लोग उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।
अधिकारियों और विशेषज्ञों की राय
ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस की कमिश्नर क्रिसी बैरेट ने कहा कि वो नफरत फैलाने वालों पर नजर रख रही हैं और हमलावरों के संपर्कों की जांच चल रही है। प्राइम मिनिस्टर एंथनी अल्बनीज ने नफरत भरे भाषण पर सख्त कानून बनाने का वादा किया। डीकिन यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट जोश रूज ने स्ट्रीट दावाह जैसे ग्रुपों को “सतह पर सामान्य दिखने वाले लेकिन अंदर नफरत भरे” बताया। उनका कहना है कि ऐसे ग्रुप बदलते रहते हैं, इसलिए इन्हें आतंकी संगठन घोषित करना मुश्किल होता है। पिछले 20 सालों में कई स्ट्रीट दावाह ग्रुप आतंकी सेलों से जुड़े पाए गए हैं।
















