बॉन्डी बीच आतंकी हमला: सिडनी के मशहूर बॉन्डी बीच पर रविवार को हुई गोलीबारी करने वाले पाकिस्तानी मूल के आतंकी साजिद अकरम और उसके बेटे नावेद अकरम को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले की जांच में साजिद का लिंक तेलंगाना के हैदराबाद से भी जुड़ गया है। ऐसे में तेलंगाना पुलिस और इंटेलीजेंस विभाग ने मामले की छानबीन के बाद खुलासा किया है कि साजिद नवंबर 1998 में हैदराबाद से ऑस्ट्रेलिया चला गया था और उसके बाद से वह संपत्ति के मामले को लेकर केवल 6 बार भारत आया था। 2009 में पिता की मौत पर भी वह नहीं आया था।
घटना के मुख्य तथ्य
सिडनी के बॉन्डी बीच पर चल रहे हनुक्का उत्सव के दौरान साजिद ने बेटे नावेद अकरम के साथ मिलकर गोलीबारी की थी। दोनों ने एक पैदल पुल से नीचे भीड़ पर गोलियां चलाईं। इसमें 15 लोग मारे गए और 40 से ज्यादा घायल हुए। साजिद को पुलिस ने मौके पर ही गोली मारकर ढेर कर दिया, जबकि नावेद घायल होकर अस्पताल में है और पुलिस की निगरानी में है। नावेद की गाड़ी में घर में बने दो आईएसआईएस झंडे और इंप्रोवाइज्ड विस्फोटक डिवाइस मिले। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने इसे आईएसआईएस से प्रेरित आतंकी हमला बताया। घायलों में तीन भारतीय छात्र भी शामिल हैं, जिनमें से दो अभी अस्पताल में हैं।
साजिद अकरम का बैकग्राउंड
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि साजिद हैदराबाद के टोली चौकी इलाके के अल हसनाथ कॉलोनी के रहने वाले थे। उसने अनवर-उल-उलूम कॉलेज से कॉमर्स की डिग्री ली थी। नवंबर 1998 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया चला गया। वहां उसने ऑस्ट्रेलियन महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की और दो बच्चे हुए – नावेद और एक बेटी। साजिद फ्रूट शॉप चलाते थे और कानूनी तौर पर छह बंदूकें रखते थे, जो हंटिंग लाइसेंस पर मिली थीं।
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भारत से कनेक्शन और विजिट्स
ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद साजिद ने भारत सिर्फ छह बार विजिट किया, ज्यादातर प्रॉपर्टी के मामलों के लिए। उन्होंने शालीबंदा में पैतृक संपत्ति का हिस्सा बेचा। 2001 में वे अपनी पत्नी को हैदराबाद लाए थे निकाह के लिए। लेकिन 2009 में अपने पिता की मौत पर भी भारत नहीं आए और अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। तब से परिवार से संपर्क बहुत कम था। परिवार में पिता रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर थे और बड़ा भाई डॉक्टर है।
पुलिस और परिवार का बयान
तेलंगाना पुलिस और इंटेलिजेंस ने साजिद के बैकग्राउंड की जांच की। डीजीपी शिवधर रेड्डी ने कहा कि साजिद का भारत में कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था। परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें साजिद या नावेद के कट्टरपंथी होने की कोई जानकारी नहीं थी। रेडिकलाइजेशन सिडनी में हुआ लगता है, भारत से कोई लिंक नहीं। नवेद ने 2019-2022 में सिडनी में अरबी और धार्मिक कोर्स किए थे।
फिलीपींस ट्रिप और अन्य डिटेल्स
हमले से एक महीने पहले, नवंबर 2025 में, पिता-पुत्र दोनों फिलीपींस गए थे। साजिद इंडियन पासपोर्ट पर और नवेद ऑस्ट्रेलियन पर। वहां 1 से 28 नवंबर तक रहे। पुलिस जांच कर रही है कि क्या वहां मिलिट्री स्टाइल ट्रेनिंग ली। फिलीपींस में कुछ इलाकों में आईएसआईएस से जुड़े ग्रुप सक्रिय हैं।

















