नई दिल्ली: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून में पहली बार एक महिला अधिकारी ने ट्रेनिंग पूरी की है। अभी तक यहां सिर्फ पुरुष अधिकारी ही ट्रेनिंग लेते थे। लेकिन पहली बार यह 93 साल पुरानी परंपरा टूटी है। इस तोड़ा है सई जाधव है। वह 23 साल की हैं। आइए जानते हैं कि कौन हैं सई जाधव जिन्होंने इस परंपरा को तोड़कर इतिहास रच दिया है।
कहां की रहने वाली हैं सई जाधव?
सई जाधव महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली हैं। उन्होंने IMA से प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग पूरी कर ली है और प्रादेशिक सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। इस उपलब्धि के साथ सई जाधव देशभर की लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक ऐसी पुरानी परंपरा को भी तोड़ दिया है जिसके तहत आईएमए से सिर्फ पुरुष अधिकारी ही ट्रेनिंग लेते थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी बधाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सई जाधव को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि देशभर की युवतियों को प्रेरणा देगी। यह गर्व की बात है कि यह सम्मान एक मराठी मुलगी को मिला है। यह सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि एक सामाजिक प्रेरणा है।
कुमाऊं रेजिमेंट की 130वीं प्रादेशिक सेना में कमीशन
सई जाधव को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित कुमाऊं रेजिमेंट की 130वीं प्रादेशिक सेना (इकोलॉजिकल) बटालियन में कमीशन किया गया है। उनके पिता मेजर संदीप जाधव का कहना है कि प्रादेशिक सेना में महिला अधिकारियों के लिए केवल एक सीट थी और सई ने मेरिट में टॉप करके वह स्थान हासिल किया। सई जाधव ने IMA की 157वीं पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया और लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

सई फिलहाल डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं। दिसंबर 2023 में उन्होंने प्रादेशिक सेना की परीक्षा दी थी। MBA की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना की तैयारी भी की। उनके पिता मेजर संदीप जाधव का कहना है कि माता-पिता के रूप में हम गर्व महसूस कर रहे हैं कि हमारी बेटी ने अपना सपना पूरा किया और राष्ट्र सेवा को चुना।











