अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास को समेटे हुए पौराणिक नगरी काशी ने बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। वाराणसी देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
योगी सरकार के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर
योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी है। अपनी मौलिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक होती काशी की बदलती हुई हुई छवि ने दुनिया भर के सैलानियों को बनारस की ओर खींचा है।
पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या और अर्थव्यवस्था पर असर
पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रही है। वर्ष 2014 से वर्ष 2025 (सितम्बर तक) तक 12 सालो में 45,44,82,662 (पैंतालीस करोड़ चौवालीस लाख बयासी हजार छ: सौ बासठ ) भारतीय और विदेशी काशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया है।
2014 से 2025 तक पर्यटकों में ऐतिहासिक वृद्धि
पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में पर्यटकों की संख्या 54,89,997 ( चौवन लाख नवासी हजार नौ सौ सतानबे ) थी, जो 2025 ( सितंबर तक) तक बढ़कर 146975155( चौदह करोड़ उन्हत्तर लाख पचहत्तर हजार एक सौ पचपन ) के पार पहुँच गई।
पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा
आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2025 में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 14,64,26,158 ( चौदह करोड़ चौंसठ लाख छब्बीस हजार एक सौ अट्ठावन ) से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
भारतीय और विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा
2014 से 2025 तक 12 वर्षो में भारतीय पर्यटकों की संख्या 45,16,09,026 और विदेशी पर्यटकों की संख्या 28,73,636 है।
विश्वनाथ कॉरिडोर से सारनाथ तक बदली काशी की तस्वीर
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वहीं, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के विकास, गंगा में क्रूज़ का संचालन और आधुनिक सुविधाओं की निरंतर बढ़ती श्रृंखला ने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है।
कोरोना के बाद पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल
कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद काशी में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक हर साल रिकॉर्ड संख्या में सैलानी वाराणसी पहुँचे।
12 वर्षों में वाराणसी आए पर्यटकों का वर्षवार विवरण
12 वर्षों में वाराणसी में आये पर्यटकों की वर्ष वार संख्या
वर्ष – भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या
1. 2014- 5489997
2. 2015 -5716297
3. 2016 – 5912665
4. 2017 – 6282215
5. 2018- 6445160
6. 2019 – 6797775
7. 2020 – 982492
8. 2021 – 3078479
9. 2022 -71231051
10. 2023 – 85473633
11. 2024 1-110097743
12. 2025- 146975155
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की प्रतिक्रिया
राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन उद्योग से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिला है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
क्रूज़ और गंगा आरती बनीं पर्यटकों की पसंद
विकास मालवीय डायरेक्टर अलकनंदा क्रूज़ लाइन का कहना है कि काशी में पर्यटन का सुनहरा समय चल रहा है, मौज़ूदा सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधायुक्त बनाया है। जिसका परिणाम आज पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या में दिख रहा है। गंगा आरती और घाटों की सुंदरता देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यट रिवर राइड करते हैं।

















