गोवा जनमत संग्रह 1967: कैसे ऐतिहासिक वोट ने गोवा की संस्कृति और कोंकणी भाषा पर लगाई मुहर?
July 21, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

गोवा जनमत संग्रह 1967: कैसे ऐतिहासिक वोट ने गोवा की संस्कृति और कोंकणी भाषा पर लगाई मुहर?

गोवा में 16 जनवरी 1967 को आयोजित किया गया था और यह आज तक भारत का पहला और एकमात्र ऐसा जनमत संग्रह है, जिसमें जनता से सीधे यह पूछा गया कि वे अपने राज्य के भविष्य के बारे में क्या चाहती हैं।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 17, 2025, 08:15 am IST
in भारत
Goa Liberation Day 2025

Goa Liberation Day

भारतीय इतिहास में गोवा का जनमत संग्रह एक बेहद खास और अनोखी घटना के रूप में दर्ज है। यह जनमत संग्रह 16 जनवरी 1967 को किया गया था और यह आज तक भारत का पहला और एकमात्र ऐसा जनमत संग्रह है, जिसमें जनता से सीधे यह पूछा गया कि वे अपने राज्य के भविष्य के बारे में क्या चाहती है। इस जनमत संग्रह ने गोवा की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गोवा पर पुर्तगाली शासन और सांस्कृतिक प्रभाव

गोवा का इतिहास लंबे समय तक विदेशी शासन से जुड़ा रहा। लगभग 450 वर्षों तक गोवा पुर्तगालियों के अधीन रहा। 1510 में पुर्तगालियों ने गोवा पर अधिकार किया और धीरे-धीरे इसे अपना प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र बना लिया। गोवा का पुर्तगाली शासन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी काफी प्रभावशाली रहा। गोवा के लोगों की भाषा, संस्कृति और परंपराएं पुर्तगाली प्रभाव के कारण समय के साथ कुछ हद तक प्रभावित हुईं, लेकिन स्थानीय परंपराएं और पहचान जीवित रहीं।

ऑपरेशन विजय

1961 में भारतीय सेना द्वारा ‘ऑपरेशन विजय’ के माध्यम से गोवा को पुर्तगालियों से आज़ादी मिली। इसके बाद गोवा, दमन और दीव को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। स्वतंत्रता के बाद यह सवाल उठने लगा कि गोवा को अपने पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में मिला दिया जाए या इसे अपनी अलग पहचान दी जाए। इस विवाद का कारण मुख्य रूप से भाषाई और सांस्कृतिक था। महाराष्ट्र में कुछ राजनीतिक दलों का मानना था कि गोवा की भाषा कोंकणी, मराठी की ही एक बोली है। उनका तर्क था कि गोवा को महाराष्ट्र में मिला देने से प्रशासनिक और सांस्कृतिक एकता स्थापित हो सकती है। वहीं गोवा के अनेक नागरिक इस विचार से सहमत नहीं थे। उनका डर था कि यदि गोवा महाराष्ट्र में शामिल हो गया, तो उसकी अलग संस्कृति, परंपराएं और भाषा धीरे-धीरे समाप्त हो सकती हैं। गोवा की जनता अपनी विशिष्ट पहचान और सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना चाहती थी।

यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं, 1961 में भारत ने कैसे वापस लिया गोवा?

जनमत संग्रह

इस विवाद को शांति से सुलझाने के लिए भारत सरकार ने जनमत संग्रह कराने का निर्णय लिया। जनमत संग्रह में गोवा की जनता से पूछा गया कि वे अपने प्रदेश को महाराष्ट्र में मिलाना चाहेंगे या इसे अलग ही रखना चाहेंगे। जनमत संग्रह के दिन, पूरे प्रदेश में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। लोग बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। जनता ने अपने प्रदेश की अलग पहचान और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया।

1987 में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला

जनमत संग्रह ने न केवल गोवा की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को बचाया, बल्कि यह साबित किया कि लोकतंत्र में जनता की राय सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसके बाद गोवा ने अपनी अलग राजनीतिक दिशा तय की और धीरे-धीरे अपनी प्रशासनिक और सामाजिक पहचान मजबूत की। आगे चलकर 1987 में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और कोंकणी को राज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया। यह फैसला गोवा की संस्कृति और भाषा के संरक्षण में मील का पत्थर साबित हुआ। आज गोवा केवल अपने सुंदर समुद्र तटों और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्र पहचान के लिए भी जाना जाता है।

यह भी पढ़ें- भारत की आजादी के 14 साल बाद गोवा को मिली मुक्ति, यह कहानी हर भारतीय को जाननी चाहिए

Topics: Goa Liberation DayGoa gets full statehoodOperation VijayGoa Liberation Day 2025Portuguese Ruleगोवा मुक्ति आंदोलनJanuary 161967MaharashtraKonkani languageGoaगोवा जनमत संग्रहजनमत संग्रहगोवा जनमत संग्रह 1967गोवा मुक्ति दिवसGoa referendum
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

महाराष्ट्र: बाढ़ में बहे 3 हजार LPG गैस सिलेंडर, VIDEO वायरल; प्रशासन बोला- घर न ले जाएं

सना मलिक, एनसीपी नेता

UCC पर बोलीं सना मलिक: पाकिस्तान की तरह भारत में लागू हो इस्लामिक कानून, NCP नेता ने तीन तलाक, बहुविवाह का किया समर्थन

छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा इज़राइल में लगाई जाएगी

इजरायल में लगेगी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, भारत के लिए गर्व का क्षण

हनुमान जी की मूर्ति और मूर्तिकार नरेश कुमावत

नागपुर: श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर में 188 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा होगी स्थापित

maharashtra love jihad in ulhasnagar forced conversion accuses imran shaikh arrested

इमरान शेख ने विजय बनकर हिंदू महिला से की शादी, फिर कन्वर्जन, बुर्का पहनने और गौमांस खाने का बनाया दबाव

हाथ जोड़कर माफी मांगता लव जिहाद का आरोपी शाहिद

कोल्हापुर ‘लव जिहाद’: 15 से अधिक हिंदू लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाला शाहिद सनदी गिरफ्तार

Load More

ताज़ा समाचार

MP में UCC बिल पास: निकाह-हलाला जैसी प्रथाओं पर क्या? मौखिक तलाक-अनौपचारिक पंचायत के फैसले पूरी तरह गैरकानूनी घोषित

VHP Central Managing Committee Meeting Delhi Terapanth Bhawan Chhatarpur Ashok Singhal Centenary

दिल्ली में VHP की केंद्रीय बैठक संपन्न: परिवार व्यवस्था, कंधमाल जांच और शताब्दी वर्ष पर पारित हुए बड़े प्रस्ताव!

मोगा बम धमाके के आरोपियों के पास से बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री

जम्मू-तवी एक्सप्रेस को उड़ाने की आतंकी साजिश का खुलासा, पाकिस्तान से आए हथियार और विस्फोटक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

‘जो हिंदू की बात करेगा वही राज करेगा’, MP में UCC बिल पास होने पर CM मोहन यादव ने क्यों कही ये बात?

तीजन बाई : भारतीय लोकचेतना की अमर स्वर-साधिका

CJP के हिंसक प्रदर्शन से संसद के भीतर घबरा गए थे लोग, कंगना रनौत ने बताई ‘आंखों देखी’ स्थिति

असम में बाढ़ का प्रकोप: मृतकों की संख्या 13 पहुंची, 11 जिलों के 3.13 लाख से अधिक लोग प्रभावित

मध्य प्रदेश में मिली मां दुर्गा की प्राचीन मूर्ति

मध्य प्रदेश: ललितासन मुद्रा में मिली देवी दुर्गा की दुर्लभ मूर्ति, 3D स्कैनिंग से होगा संरक्षण

कनिष्क नारायण

कौन हैं भारतवंशी कनिष्क नारायण जिन्हें ब्रिटेन में बनाया गया पहला AI मंत्री?

नागालैंड में बारिश का कहर: मृतकों की संख्या 9 पहुंची…7,460 से अधिक लोग प्रभावित

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies