हिन्दू धर्म को बदनाम करना और हिन्दुओं को अपमानित करना वामपंथियों और इस्लामिक कट्टरपंथियों के लिए चलन सा बन गया है। ऐसे ही एक मामले में कर्नाटक के मंगलुरु में एक 27 साल के कट्टरपंथी मुस्लिम युवक अब्दुल खादर नेहद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वो सऊदी अरब में नौकरी करता था। वहां से लौटते ही उसे एयरपोर्ट पर पुलिस ने पकड़ लिया गया।
क्या हुआ था पोस्ट में?
11 अक्टूबर 2025 को इंस्टाग्राम अकाउंट ‘team_sdpi_2025’ से हिंदू धर्म को लेकर कुछ ऐसी पोस्ट डाली गईं जो काफी विवादास्पद और अपमानजनक थीं। ये पोस्ट सऊदी अरब से ही अपलोड की गई थीं। मंगलुरु की पुलिस ने खुद ही इसकी शिकायत दर्ज की, क्योंकि ये साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने वाली लगी थीं। उल्लेखनीय है कि एसडीपीआई वामपंथियों की स्टूडेंट विंग का नाम है।
पुलिस ने कैसे पकड़ा?
तकनीकी जांच से पता चला कि पोस्ट अब्दुल खादर नेहद ने की थी। वो उस वक्त सऊदी में ही था। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया। जैसे ही वो 14 दिसंबर को सऊदी से लौटकर केरल के कोझिकोड (कालीकट) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, पुलिस ने उसे वहीं गिरफ्तार कर लिया। मंगलुरु पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि वो लैंडिंग होते ही पकड़ा गया।
बैकग्राउंड में क्या चल रहा है?
मंगलुरु में हाल ही में अब्दुल रहमान और सुहास शेट्टी की साम्प्रदायिक हत्याओं के बाद पुलिस सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त हो गई है। ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर नफरत, हिंसा या साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इसी तरह के दूसरे मामले
इसी तरह का एक और मामला था, जहां 56 साल के फेलिक्स एडवर्ड मैथियास को मुंबई एयरपोर्ट पर 5 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया। वो भी सऊदी में काम करते थे और भगवद गीता व महिलाओं के खिलाफ पुरानी हेट पोस्ट के लिए पकड़े गए। इसके अलावा, मंगलुरु में ही दो युवक अमीर सुहेल (28) और सुरेश (29) को कवूर पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्होंने फेसबुक पर तलवारों के साथ डांस का वीडियो डाला था। पुलिस ने तलवारें और मोबाइल जब्त कर लिए।

















