पीएम मोदी की तीन देशों की यात्रा शुरूप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से चार दिनों की विदेश यात्रा पर निकल रहे हैं। इसमें वे जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान जाएंगे। कुल तीन देशों को सिर्फ चार दिनों में कवर करना है, जो काफी व्यस्त कार्यक्रम दिखता है। यह यात्रा द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बनाने, व्यापार बढ़ाने, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर फोकस करेगी। खास बात ये कि इथियोपिया की यह पीएम मोदी की पहली यात्रा होगी।
यात्रा का पूरा शेड्यूल
यात्रा 15 दिसंबर से 18 दिसंबर तक चलेगी। इसके तहत प्रधानमंत्री आज सबसे पहले 15-16 दिसंबर को जॉर्डन के दौरे पर जाएंगे। इसके बाद वे 16-17 दिसंबर को इथियोपिया और फिर 17-18 दिसंबर को ओमान के दौरे पर रहेंगे।
जॉर्डन में क्या होगा
जॉर्डन में पीएम मोदी किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी, जिसमें रिश्तों की समीक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा शामिल है। भारत और जॉर्डन के राजनयिक संबंधों को 75 साल पूरे हो रहे हैं, इसी मौके पर यह दौरा हो रहा है। इससे आर्थिक सहयोग बढ़ेगा, खासकर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में। जॉर्डन से भारत काफी फर्टिलाइजर आयात करता है, तो ये मुद्दे भी छू सकते हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, “आज, मैं महामहिम किंग अब्दुल्ला II के निमंत्रण पर जॉर्डन में रहूंगा। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हम अपने देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे कर रहे हैं। मैं महामहिम और प्रधानमंत्री जाफर हसन के साथ बातचीत करूंगा। मैं HRH क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला II से भी बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं।”
इथियोपिया का दौरा
वहीं पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया में 16 और 17 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहेंगे, जहां वह वहां के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात करेंगे। अदीस अबाबा में द्विपक्षीय वार्ता होगी। ग्लोबल साउथ के साझेदार के तौर पर भारत और इथियोपिया के रिश्ते मजबूत हैं। चर्चा में व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर जोर रहेगा। अफ्रीकी देशों से भारत के संबंध लगातार बढ़ रहे हैं, और यह यात्रा उसी कड़ी का हिस्सा है। पीएम मोदी की यहां पहली विजिट होने से खास अहमियत है।
ओमान में अहम मीटिंग्स
ओमान में पीएम मोदी सुल्तान हैथम बिन तारिक से मिलेंगे। भारत और ओमान के रिश्ते 70 साल पुराने हैं। 2023 के बाद यह पीएम की ओमान की दूसरी यात्रा होगी। बातचीत में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग पर फोकस होगा। ओमान पश्चिम एशिया में भारत का करीबी पार्टनर है, तो क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दे भी उठ सकते हैं। कुल मिलाकर, पुरानी दोस्ती को और गहरा करने का मौका।यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हुए हैं। पीएम मोदी इन देशों से रिश्ते मजबूत करके भारत की स्थिति को और बेहतर बनाना चाहते हैं।














