प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 15 और 16 दिसंबर का जॉर्डन दौरा ऐतिहासिक साबित हुआ है। उनका यह दौरा सरकारी औपचारिकताओं से इतर एक नजदीकी एहसास जताता प्रतीत हुआ। दो दिन के दौरान भारत-जॉर्डन संबंधों को जहां नई मजबूती मिली है वहीं अनेक ऐसे समझौते हुए हैं जो दोनों देशों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति और सहयोग के मार्ग पर बढ़ाएंगे। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर राजधानी अम्मान पहुंचे मोदी का जिस प्रकार स्वागत हुआ और हुसैनिया पैलेस में राजा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, उसे एक अलग ही आयाम उभरा है। वार्ता में दोनों ने आतंकवाद विरोधी सहयोग पर साझा प्रतिबद्धता जताई। यह अपने में एक ऐतिहासिक बिन्दु है।
मोदी का दौरा 37 वर्ष बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का जॉर्डन का पहला था, जो 75 वर्ष पुराने राजनयिक संबंधों को गहराई दे गया। मोदी ने राजा अब्दुल्ला के नेतृत्व में जॉर्डन की आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ विरोधी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “भारत और जॉर्डन आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और एक जैसी सोच रखते हैं।”

पांच समझौते हुए
इस दौरान दोनों देशों ने पांच प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो ऊर्जा, जल संसाधन, डिजिटल बदलाव, संस्कृति और पर्यटन क्षेत्रों को मजबूत करेंगे। जैसे, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा में तकनीकी सहयोग का समझौता। जल संसाधन प्रबंधन एवं विकास पर समझौता। पेट्रा (जॉर्डन) और एलोरा (भारत) के बीच विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संवर्धन संबंधी समझौता। 2025-2029 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के नवीनीकरण का समझौता, और डिजिटल परिवर्तन में सहयोग का समझौता। ये समझौते द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक बढ़ाने के लक्ष्य को समर्थन देते हैं, जिसमें रक्षा, कृषि, उर्वरक और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने राजा अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद कहा, “भारत और जॉर्डन की सोच आतंकवाद के खिलाफ साफ और एक जैसी है। राजा अब्दुल्ला के नेतृत्व में जॉर्डन ने पूरी मानवता को मजबूत संदेश दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “यह दौरा और इसमें हुईं वार्ताएं भारत-जॉर्डन संबंधों को नई गति और गहराई देंगी। हम व्यापार, उर्वरक, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग जारी रखेंगे।”
एक्स पर इस संबंध में अपनी पोस्ट में मोदी ने लिखा, “नवीन ऊर्जा सहयोग स्वच्छ विकास, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु जिम्मेदारी को दर्शाता है। पेट्रा-एलोरा समझौता विरासत संरक्षण के नए अवसर खोलेगा।” इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फोरम में उन्होंने कहा, “हमें व्यापारिक संबंधों को फिर से जीवित करना होगा।”
दोनों शीर्ष नेताओं की वार्ता में गाजा संकट, क्षेत्रीय शांति और आतंकवाद विरोधी वैश्विक प्रयासों पर भी विचार-विमर्श हुआ। राजा अब्दुल्ला ने भारत की आतंकवाद विरोधी लड़ाई के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। मोदी ने सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

















