आज सुबह-सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने रुद्रपुर की खेड़ा बस्ती में एक मुस्लिम संगठन के कब्जे वाली 8 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया और बाउंड्री वॉल बनाकर अपना बोर्ड लगा दिया। नगर निगम के कब्जे वाली इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के अपने अभियान को तेज करते हुए रुद्रपुर के खेड़ा इलाके में अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन को खाली कराने का नोटिस जारी किया था। भारी पुलिस बल लेकर एडीएम पंकज उपाध्याय के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध कब्जे की पैमाइश की और ड्रोन सर्वे करने के बाद आज सुबह-सुबह भारी पुलिस बल के साथ कब्जे वाली सरकारी जमीन की दीवार गिरा दी और कब्जा ले लिया।
एडीएम ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के संबंध में चार बिंदुओं पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। एडीएम ने बताया कि मदरसा सोसायटी के नाम पर दी गई 2.53 एकड़ जमीन के अलावा करीब 8 एकड़ सरकारी जमीन/नजूल जमीन पर गैर-कानूनी कब्जा किया गया था। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर, 2025 को रेवेन्यू डिपार्टमेंट, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, DDA और पुलिस डिपार्टमेंट ने अलॉट की गई ज़मीन को नापने और एक्स्ट्रा जमीन को कब्ज़े से मुक्त कराने के लिए सर्वे शुरू किया था। सर्वे के बाद, सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त करा लिया गया है।
उपाध्याय ने कहा कि अतिरिक्त भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए हाई कोर्ट का आदेश भी है। उक्त भूमि के पास ही चामुंडा देवी मंदिर के कब्जे वाली 1.5 एकड़ भूमि पर भी कब्जा प्राप्त किया जाना है। डीएम नितिन भदौरिया ने बताया कि सरकार के आदेशों के क्रम ने सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त किए जाने का अभियान तेज किया गया है। अभियान में साथ लगे एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि खेड़ा क्षेत्र यूपी से लगा हुआ है और यहां आसपास मुस्लिम बस्तियां अवैध रूप से बसाने के षडयंत्र किए जा रहे थे और ये क्षेत्र अपराधियों की शरण स्थली भी बनता जा रहा था।

















