दंतेश्वरी छत्तीसगढ़ : विकास का दृढ़ संकल्प-विष्णु देव साय
July 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम साक्षात्कार

महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे प्रमुख पहल, महिलाएं आर्थिक रूप से हुईं सशक्त : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

70 लाख विवाहित माताओं-बहनों को प्रति माह 1000 रुपए सीधे उनके बैंक खाते में भेजते हैं

Written byहितेश शंकरहितेश शंकर
Dec 7, 2025, 09:35 am IST
in साक्षात्कार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पाञ्चजन्य द्वारा छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में 2 दिसंबर को आयोजित दंतेश्वरी डायलॉग में  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं उसके प्रमुख अंश:

छत्तीसगढ़ बदल रहा है, आपके कार्यकाल के इन दो वर्षों में कौन सी ऐसी नीति या निर्णय है जिस पर आप कह सकें, हां, एक नई दिशा देने वाला सबसे बड़ा काम हमने किया है?
सबसे पहले तो रायपुर में दंतेश्वरी डायलॉग आयोजित करने के लिए पाञ्चजन्य परिवार का हम धन्यवाद करना चाहेंगे। वैसे तो हमारी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन मुझे लगता है कि महतारी वंदन योजना हमारी सरकार की सबसे प्रमुख पहल है। इस योजना के अंतर्गत हम 70 लाख विवाहित माताओं-बहनों को प्रति माह 1000 रुपए सीधे उनके बैंक खाते में भेजते हैं। इससे महिलाओं में जो आर्थिक सशक्तिकरण आया है, वह हमारे लिए अत्यंत संतोषदायक है। कार्यक्रमों में जब हम महिलाओं से मिलते हैं, उनकी खुशी देखते हैं, उनसे पूछते हैं कि वे इस राशि का उपयोग कैसे करती हैं, तो जो उत्तर मिलते हैं वे अत्यंत प्रेरक होते हैं। कोई बताती है कि उसने बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाया है और महतारी वंदन का पैसा उसमें जमा करती है। कोई कहती है कि इससे बच्चों की पढ़ाई होती है, रसोई घर का बजट सुधर गया है। अनेक उपलब्धियों में यह योजना हमें सबसे अधिक आत्मिक संतोष देने वाली लगती है।

छत्तीसगढ़ में रोजगार, व्यापार और उद्योग की बात करें तो क्या आपका नई पीढ़ी के लिए कोई स्पष्ट खाका है?
छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है। यहां खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में है। वन संपदा भी है। सैकड़ों तरह के जंगली उत्पाद हैं। यहां की मिट्टी भी औषधीय गुणों और ऊर्जा से भरपूर मानी जाती है। और छत्तीसगढ़ के लोगों के बारे में कहा ही जाता है, ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’। यहां के किसान मेहनतकश हैं। लेकिन यदि हमें युवाओं को रोजगार देना है तो हम सबको सरकारी नौकरी तो नहीं दे सकते। इसलिए हमने इसके निमित्त नई उद्योग नीति बनाई है। इस नीति की सराहना सिर्फ देश में ही नहीं, विदेशों में भी हो रही है। नई उद्योग नीति को लागू हुए अभी डेढ़-दो साल ही हुए हैं, लेकिन दिल्ली, मुंबई, अमदाबाद, बेंगलुरु के अलावा जापान व दक्षिण कोरिया में निवेशकों के साथ सम्मेलन किए हैं। आपको आश्चर्य होगा कि इतने कम समय में 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। केवल प्रस्ताव ही नहीं आए, बल्कि धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। सेमीकंडक्टर प्लांट में काम प्रारंभ हो गया है, एआई आधारित डाटा सेंटर पर कार्य प्रारंभ हो गया है, और कई परियोजनाएं चल रही हैं। नई उद्योग नीति में यदि कोई उद्यमी 1000 करोड़ का निवेश लाता है या 1000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देता है, तो उसके लिए भी विशेष प्रोत्साहन नई उद्योग नीति में है।

छत्तीसगढ़ की चर्चा हो और बस्तर का उल्लेख न आए, यह संभव नहीं। अब जब यहां से नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है तो बस्तर का भविष्य कैसा दिखता है? आपके अनुसार बस्तर के विकास का मॉडल क्या होगा?
देखिए, बस्तर का क्षेत्र बहुत बड़ा है। जब यह एक जिला था, तब केरल प्रदेश से भी बड़ा था। अत्यंत सुंदर क्षेत्र, अनेक झरने, कुटुमसर गुफा, अबूझमाड़ का घना जंगल। इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ा अवरोध था, जिसका अब अंत होने जा रहा है। डबल इंजन की सरकार के साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करना है। जब हम दिसंबर 2023 में सरकार में आए और जनवरी 2024 में केन्द्रीय गृह मंत्री जी समीक्षा बैठक के लिए आए, तो पता चला कि देश के 70 प्रतिशत से अधिक नक्सलवाद का प्रभाव छत्तीसगढ़ में है। यह अत्यंत दुखद था। पहले जो इस प्रदेश में सरकार थी उसने केंद्र सरकार का सहयोग नहीं किया और नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ाई नहीं लड़ी गई, लेकिन आज दो साल बाद, नक्सलवाद अंतिम सांसें ले रहा है। यह हमारे जवानों के साहस और केंद्र और राज्य की संयुक्त प्रतिबद्धता के कारण संभव हो पाया है। अब यहां विकास के लिए मार्ग खुल रहे हैं। और जहां तक मॉडल की बात है, हम किसी एक मॉडल को थोपने के पक्ष में नहीं हैं। बस्तर बहुआयामी है, इसलिए विकास भी बहुआयामी होगा। पर्यटन में विशाल संभावनाएं हैं, ‘होमस्टे’ को बढ़ा रहे हैं। बस्तर जनजातीय बहुल क्षेत्र है, यहां लोग कृषि और पशुपालन से जुड़े हुए हैं। कृषि को भी बढ़ावा देने के लिए हम लोग कैसे वहां पर सिंचाई के साधन बढ़ें, इसकी भी चिंता कर रहे हैं। साथ ही हर परिवार को साहीवाल व गिर नस्ल की दो दो गायें दी जा रही हैं। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से राज्य का समझौता है। यहां से दूध का संकलन किया जाएगा तो इससे भी आर्थिक संपन्नता लोगों में आएगी। इसके अलावा इस क्षेत्र में सैकड़ों तरह के वन उत्पाद हैं। उनकी सही कीमत स्थानीय लोगों को मिले, इसके लिए भी हम काम कर रहे हैं।

दरभा घाटी नरसंहार को भूला नहीं जा सकता। आपके अनुसार ऐसा क्या था कि कांग्रेस अपने ही नेताओं के प्रति संवेदनशील नहीं दिखी और नक्सलवाद के प्रति नरमी दिखाती रही?
इसे जिस भी तरह से देखा जाए लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि पिछली सरकार के समय नक्सलवाद के विरुद्ध मजबूती से लड़ाई नहीं लड़ी गई। नक्सलियों ने उनके नेताओं की हत्या भी की। तब यह कहा जाता था कि साक्ष्य हमारे पास हैं। स्वयं जो नेता 5 वर्ष तक विपक्ष में थे, वे सत्ता में आने पर एक भी साक्ष्य पेश नहीं कर पाए। उस समय नक्सली खुलेआम कहते थे कि अब तो हमारी सरकार है। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? मेरा निष्कर्ष है कि उनकी मित्रता देश के शत्रुओं के साथ थी।

 हाल ही में बड़ी संख्या में नक्सल हिंसा के वास्तविक पीड़ित दिल्ली पहुंचे। वे जेएनयू तक गए और पूछा, ‘हम पर हमला करने वालों का समर्थन कौन करता है?’ क्या आपको नहीं लगता कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक मोड़ है जिसने बस्तर के लोगों में आत्मविश्वास पैदा किया है?
ऐसा पहली बार हुआ कि नक्सल हिंसा से पीड़ित दिव्यांग लोग, किसी का आईईडी धमाके में पैर चला गया, किसी की आंखें चली गईं छोटे छोटे बच्चे अनाथ हो गए, संख्या में लोग दिल्ली पहुंचे थे। वे राष्ट्रपति जी से मिले, गृह मंत्री से मिले। मीडिया के लोगों से उनका मिलना हुआ। वे लोग जेएनयू भी गए। मेरा मानना है कि पीड़ित पक्ष पहली बार देश के लोगों के सामने आया। यह बेहद जरूरी था। इन लोगों की पीड़ा, जिनका कोई दोष नहीं था केवल और केवल नक्सली हिंसा के चलते दिव्यांग हो गए, इन सबका पक्ष समाज के सामने आया। मेरा मानना है कि हमारे क्षेत्र के अन्य लोग भी, जो नक्सल हिंसा से पीड़ित हैं, उनका भी आत्मविश्वास बहुत बढ़ा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (दाएं) से बातचीत करते हुए पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर

 एक और महत्वपूर्ण विषय है कन्वर्जन। आपकी सरकार इसे कैसे देखती है? क्या यह सामाजिक संरचना की सुरक्षा का विषय है, क्या कानूनी सुधार का समय आ गया है ?
देखिए, मैं स्वयं छत्तीसगढ़ के पूर्वी छोर के उस जिले से आता हूं जहां बड़ा चर्च है। वहां पहले सरेआम गोहत्या होती थी, लोगों का कन्वर्जन कराया जाता था। उस समय गरीबी बहुत थी, लोग कोदो, कुटकी, महुआ खाते थे, और कई बार वह भी उपलब्ध नहीं होता था। तब बाहर से खाद्यान्न आता था। उसका प्रलोभन देकर कन्वर्जन कराया जाता था। उस क्षेत्र में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का केंद्रीय कार्यालय है, और जशपुर राजपरिवार, जिसमें स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी, जो पांच बार सांसद रहे तीन बार राज्यसभा से दो बार लोकसभा से, वह अटल जी की सरकार में राज्य मंत्री रहे। उन्होंने वहां घर वापसी अभियान चलाकर लाखों लोगों की वापसी कराई। वह लोगों के पैर धोकर उनकी घर वापसी कराते थे। आज उनके सुपुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी यह कार्य आगे बढ़ा रहे हैं। यदि किसी की गरीबी या अशिक्षा का फायदा उठाकर या प्रलोभन देकर कन्वर्ट किया जाएगा तो यह कतई स्वीकार्य नहीं है। इससे समाज की संरचना प्रभावित होती है। हमारे राज्य में कानून है, लेकिन हमें लगता है कि इसे और कड़ा करने की आवश्यकता है। संभव है, आगामी शीतकालीन सत्र में नया कानून लाया जाए।

छत्तीसगढ़ एक बड़ा राज्य है। ऐसे में यहां के संसाधनों पर भी कुछ लोगों की गिद्ध दृष्टि लगी है। खासकर बस्तर का जनसांख्यिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। क्या उसके प्रति आपकी सरकार गंभीर है?
हम यह अच्छी तरह जानते हैं कि नक्सलवाद समाप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विकास को वहां पहुंचाना भी जरूरी है। नियत नेल्लानार योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जा रहा है। सड़कें बन रही हैं, बिजली पहुंच रही है, पानी पहुंचाया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड बन रहा है। वहां किसान क्रेडिट कार्ड बना रहे हैं। महतारी बंधन योजना का लाभ वहां पर मिल रहा है। जहां कभी गोलीबारी की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं। वहां अस्पताल खोले जा रहे हैं। हम लोग युवाओं को भी जोड़ने का काम कर रहे हैं। पिछले साल हमने 18 साल से 45 साल के युवाओं को जोड़ने के लिए बस्तर में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था। इसमें एक लाख 65 हजार लोगों ने पंजीकरण कराकर भाग लिया था। इस साल पौने चार लाख लोगों ने इसमें पंजीकरण कराया है। अभी बस्तर ओलंपिक चल रहा है और संभवत: 13 दिसंबर को इसका समापन भी होगा और माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री जी पधारेंगे। हमने वहां ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन किया था। पंडुम का अर्थ होता है उत्सव। इसमें 47 हजार लोगों ने भाग लिया था। जिन्होंने हथियार छोड़कर समर्पण किया है, उनके लिए भी पुनर्वास नीति है। ऐसे तमाम प्रयास हम कर रहे हैं ताकि लोगों तक विकास पहुंचे और उसका फायदा उन्हें मिले। सरकार इसके लिए पूरी तरह से गंभीर है।

Topics: विष्णु देव सायनक्सलवादछत्तीसगढ़ की संस्कृतिसांस्कृतिक अस्मिताबस्तर की संस्कृतिसुशासन संकल्पस्थानीय युवाआधुनिक विकास नीतिसेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माणकृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उद्योगस्टार्टअप इकोसिस्टमवन-उपज मूल्यवर्धन
हितेश शंकर
हितेश शंकर
हितेश शंकर पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम, वर्तमान में पाञ्चजन्य के सम्पादक [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जनजाति सुरक्षा मंच का प्रतिनिधिमंडल

विशेष रिपोर्ट : जनजातीय पहचान बचाने की पहल

Basti Sohar World Record 2100 Women

बस्ती में बना ‘सोहर’ का विश्व रिकॉर्ड : 2500 महिलाओं ने अनोखे अंदाज में कहा अमित शाह को धन्यवाद

Anti-Naxal Operation in Saranda : नक्सलियों को CRPF की अंतिम चेतावनी- 1 महीने में करो सरेंडर, वरना होगी फ़ाइनल कार्रवाई

चुनौतियों से घिरा हिंदू

लोगो का अभिवादन स्वीकार करते मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी

विकास पथ पर अग्रसर ‘देवभूमि’

नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

नक्सलवाद : बाधा हटी, राह खुली

Load More

ताज़ा समाचार

Uttarakhand Voter List 2026 Draft Publication CEO BVRC Purushottam Election Commission Camp

उत्तराखंड में SIR का प्रथम चरण पूरा: 19 लाख वोटरों के डेटा में मिली गड़बड़ी, जानिए कैसे सुधारें अपना नाम!

Punjab Terror Module ISI Drone Dropped Weapons AK 47 LMG Seized Amritsar Rural Police Delhi Threat

Punjab Terror Module: स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI की बड़ी साजिश नाकाम! 2 AK-47, 2 LMG राइफलों और बमों के साथ 3 गिरफ्तार

Punjab Drug Bust Amritsar Counter Intelligence Seizes Heroin DGP Gaurav Yadav Pakistan Border Smuggling

पंजाब में सीमापार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त! ₹210 करोड़ की 30 KG हेरोइन के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार, विदेशी हैंडलर से जुड़े तार

UP Education Services Selection Commission Prayagraj

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने PGT, TET और अन्य परीक्षाओं को लेकर जारी की चेतावनी

Jagannath Rath Yatra Significance Darubrahma Puri Temple King Indradyumna

पुरी रथयात्रा विशेष: भारत की सनातन आस्था का महामहोत्सव है जगन्नाथ स्वामी का रथयात्रा उत्सव

India on PoJK Pakistan Human Rights Violations External Affairs Ministry New Delhi Global Community

पीओजेके को लेकर भारत सख्त, कहा- ‘PoJK में कुकृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए अंतरराष्ट्रीय समुदाय’

International Court Credibility ICJ ICC Bias Debate Global Justice System National Sovereignty Marco Rubio

क्या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय भी जवाबदेही से ऊपर हैं? अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर छिड़ी बड़ी बहस!

Afghan Makeup Trend Viral Video Reels Instagram Women Burqa Protest Social Media

क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

CM Pushkar Singh Dhami Swami Ramdev Acharya Balkrishna Harela Parva Malagram Dhanwantari Dham Herbal World

Uttarakhand Harela Parva 2026: मालाग्राम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया पौधारोपण

Teejan Bai Passes Away Pandavani Singer Lokmanthan Parivar J Nandakumar Tribute Bhopal 2016

लोकसंस्कृति की अमर साधिका तीजन बाई का महाप्रयाण: लोकमंथन परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies