जालंधर । पंजाब में 14 दिसम्बर को जिला परिषद् व ब्लाक समिति के चुनाव होने जा रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी के लिए शुभ समाचार यह है कि इन चुनावों में पार्टी के लिए अच्छे दिनों की आहट सुनाई देने लगी है। कारण है कि किसी समय शहरों की पार्टी कहलवाने वाली पार्टी को अब गांवों से भी लोगों का अच्छा प्रतिसाद (रिस्पांस) मिलने लगा है। गांवों में पार्टी के लिए न केवल उम्मीदवार जुट रहे हैं बल्कि वर्कर भी एकत्रित होने लगे हैं।
पहली बार नहीं ढूंढने पड़े उम्मीदवार
पंजाब में भाजपा गांवों में मैदान में उतरना तो दूर की बात पार्टी अपने चुनाव चिन्ह का भी प्रयोग नहीं करती थी, लेकिन इस बार भाजपा सिंबल पर जिला परिषद, ब्लाक समिति के चुनाव लड़ रही है। इस बार इन चुनावों में कैंडीडेट ढूंढने नहीं पड़े, बल्कि एक-एक सीट से कई कई लोगों ने पार्टी के पास चुनाव लडऩे की मंशा जताई तथा दावा पेश किया। यह पहली बार हुआ है, जब जिला परिषद के चुनावों में पार्टी को बकायन स्टेट इलैक्शन कमेटी की सेवाएं लेनी पड़ीं।
जहां नामो-निशान नहीं, वहां अब कई दावेदार
जिला परिषद के इन चुनावों का आयोजन पंजाब के 13,653 गांवों में इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है और सभी राजनीतिक दल जोर-आजमाइश कर रहे हैं। इनमें से बहुत सारे इलाके ऐसे हैं, जहां पर भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार पहली बार मैदान में उतर रहा है। भाजपा किस स्तर पर तैयारी में जुटी है, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन जिला परिषद क्षेत्रों में कुल 357 जोन हैं और इनमें 279 उम्मीदवारों के कागज दाखिल किए गए हैं। यह शायद पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में कागज भरे गए हैं। इसी प्रकार ब्लाक स्तर पर भी इस बार काम तेजी से चल रहा है। 2777 ब्लाक जोन में भाजपा के लोगों ने 1569 कागज दाखिल किए। कई इलाकों में पार्टी के उम्मीदवारों के कागज रिजैक्ट भी हुए हैं, इस संबंध में अंतिम डाटा आना अभी बाकी है।
शहरां दी पार्टी टैगलाइन को पीछे छोड़ रही भाजपा
भाजपा को अक्सर शहरी पार्टी के तौर पर जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी ने गांवों की ओर रुख किया है और पार्टी की कोशिश है कि वह खुद को सिर्फ शहरां दी पार्टी के टैगलाइन से खुद को बाहर निकाल सके। वर्तमान परिस्थितियां बता रही हैं कि पार्टी के काडर का स्वरूप धीरे-धीरे बदल रहा है और इसमें ग्रामीण विशेषकर सिख मतदाता भी जुट रहे हैं।
सदस्यता अभियान में भी गांवों में मिला था पॉजीटिव रिस्पांस
पंजाब में भाजपा गांवों में कामयाब हो रही है या नहीं, इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पार्टी की तरफ से शुरू किया गया सदस्यता अभियान शहरों के साथ-साथ गांवों में भी चल रहा है और पिछले समय के मुकाबले पार्टी को इस बार के सदस्यता अभियान में गांवों में काफी पॉजीटिव रिस्पांस मिल रहा है। 2 सितम्बर 2024 को देश भर में भाजपा ने सदस्यता अभियान शुरू किया। इस सदस्यता अभियान में भाजपा को गांवों से पॉजीटिव रिस्पांस मिला तथा पार्टी ने उन इलाकों में भी नए सदस्य बना जहां कभी भाजपा का झंडा तक नहीं देन जाता था। जानकारी के अनुसार इस सदस्यता अभियान में भी भाजपा के क सदस्यों के अतिरिक्त करीब डेढ़ लाख सदस्य गांवों से ही जुड़े थे।
2027 के लिए ग्रामीण वोट बैंक पर नजर
पंजाब के रूरल इलाकों में जिस तरह से भाजपा तेजी से आगे बढ़ रही है, अगर यही गति बनी रही और पार्टी को सफलता मिली तो शायद 2027 के विधानसभा चुनावों तक पार्टी खुद को काफी हद तक स्थापित कर लेगी। भाजपा ने सदा ही शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर पंजाब में चुनाव लड़ा है, लेकिन 2022 के चुनावों में पार्टी अकेले मैदान में उतरी और 62 सीटों पर चुनाव लड़ा। पहले पार्टी अकाली दल के साथ 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी। 2027 के रोडमैप के लिए भाजपा की नजर अब ग्रामीण वोट बैंक पर है।
निकाय चुनावों में भी मजबूत दिखी थी भाजपा
पिछले वर्ष पंजाब में हुए निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की सफलता इस बात से आंकी जा सकती है कि पार्टी को 2017 के मुकाबले 2024 में न केवल बेहतर वोट मिले, बल्कि पार्टी की टिकट पर जीतने वालों की संख्या भी बढ़ गई।
जालंधर नगर निगम में 85 सीटों पर हुए चुनावों में भाजपा ने 2017 में 7 सीटें जीती थीं (उस समय कुल 80 सीटें थीं) और इस बार दिसम्बर 2024 में हुए चुनावों में पार्टी ने 19 सीटें जीतीं, जोकि पहले से काफी बेहतर रहा। यहां एक खास बात यह है कि किसी समय भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लडऩे वाली शिरोमणि अकाली दल को 5 सीट का नुकसान हुआ था और कांग्रेस जैसी पार्टी को भी 43 सीट का नुकसान झेलना पड़ा था।
इसी प्रकार लुधियाना में 2018 के मुकाबले 2024 में भाज को 9 अतिरिक्त सीटें मिलीं। अमृतसर में भी 2017 में 6 सीटों पर सिमटी भाजपा को 2024 के निकाय चुनावों में 9 सीटें मिली थीं। पटियाला जैसे इलाके जहां पर भाजपा ने खाता नहीं खोला था, वहां भी पार्टी को इस बार 4 सीटें मिली थीं।

















