उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी रोहिंग्या को चिन्हित करने के कार्रवाई तेज़ हो चुकी है। लखनऊ में डालीबाग और गाजीपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया है। इसके साथ ही गोरखपुर में डिटेंशन सेंटर बनाने की तैयारी हो रही है। गोरखपुर नगर निगम से कहा गया है कि ऐसे स्थान को चिन्हित करें जिसे डिटेंशन सेंटर के रूप में स्थापित किया जा सके। उस सेंटर में रहने के साथ ही भोजन और शौचालय आदि की भी व्यवस्था की जायेगी।
गोरखपुर के मंडलायुक्त ने कहा है कि डिटेंशन सेंटर के लिए जल्द स्थान चिन्हित करा लिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बाहर निकालने का आदेश दिया था। अब इस पर कार्रवाई शुरू हो गई है। गत दिनों लखनऊ पुलिस ने डालीबाग एवं गाजीपुर थाना क्षेत्र में वेरिफिकेशन अभियान चलाया वूमेन पावर लाइन चौराहा के पास बने एसटीपी के किनारे कई झोपड़ी बन गई हैं। आशंका है कि इन झोपड़ियों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों ने वहां पर कब्जा जमा लिया है।
बता दें कि गत 22 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करें और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया था कि प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा।
















