भारत के बढ़ते गौरव से देश के कुछ कथित नेता परेशान हो रहे हैं। राष्ट्रप्रेमी और राष्ट्र के लिए ही कार्य करने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को वे बिना वजह राजनीति में घसीटते हैं। अब बंगाल के हुमायूं कबीर ने भी ऐसा ही किया है। मुर्शिदाबाद से टीएमसी के विधायक रहे हुमायूं कबीर ने हाल ही में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया। पार्टी से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर खुलकर ममता बनर्जी के खिलाफ उतर आए हैं। उन्होंने ममता पर आरएसएस का एजेंट कहा।
नई पार्टी बनाने का ऐलान- हुमायूं कबीर ने कहा कि वे अब टीएमसी में वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में नई पार्टी बनाकर उतरेंगे। 135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे।
दुर्गा पूजा फंडिंग पर सवाल- कबीर का कहना है कि ममता बनर्जी हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही हैं। उन्होंने कहा- दुर्गा पूजा कमेटियों को हर साल ₹1,10,000 दिया जाता है। जबकि मुस्लिम समुदाय को मिलने वाले भत्ते और अलाउंस इससे कम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही हैं।
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कौन हैं हुमायूं कबीर- कबीर पहले कांग्रेस में थे और 2012 तक कांग्रेस के विधायक भी रह चुके हैं। वे 2013 में टीएमसी में आए थे। उनका कहना है, “अगर मैं गलत था, तो पार्टी ने मुझे 12-13 साल तक क्यों रखा? मुझे मंत्री और बड़ी जिम्मेदारियां क्यों दी गईं?” उन्होंने यह भी बताया कि 2015 में उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निकाला गया था।
6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखने का दावा- कबीर ने फिर दोहराया कि वे 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव जरूर रखेंगे और अब टीएमसी को इससे कोई मतलब नहीं है।

















