हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कब कौन-सी परेशानी सामने आ जाए, यह कोई नहीं जानता। कभी किसी की तबीयत अचानक खराब हो जाती है, कभी सड़क पर दुर्घटना हो जाती है, तो कभी हमें किसी और को मदद पहुंचानी पड़ती है। ऐसे समय में घबराने से ज्यादा जरूरी होता है सही जगह पर तुरंत संपर्क करना। लेकिन अक्सर लोग आपातकाल में यह भूल जाते हैं कि किस समस्या में कौन-सा नंबर मिलाना चाहिए। इसी वजह से कई बार हालात बिगड़ जाते हैं। इसलिए हर इंसान को जरूरी हेल्पलाइन नंबर याद होने चाहिए या मोबाइल में सेव करके रखने चाहिए। ये नंबर सिर्फ आपके ही नहीं, किसी और की जान भी बचा सकते हैं।
स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में 108 एंबुलेंस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। दुर्घटना या अचानक बीमारी होने पर यह तत्काल मेडिकल सहायता दिलाती है। वहीं 102 गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए विशेष एंबुलेंस सेवा है। किसी बीमारी से जुड़ी सलाह, जानकारी या मदद चाहिए तो 104 पर बात की जा सकती है। HIV/AIDS से जुड़ी सहायता के लिए 1097 नंबर उपलब्ध है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1091 बेहद जरूरी नंबर है। यदि किसी महिला को खतरा महसूस हो या परेशानी हो, तो यह तुरंत सहायता दिलाता है। घरेलू हिंसा या मानसिक उत्पीड़न की स्थिति में 181 मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है।
इसी तरह किसी भी बच्चे को संकट में देखो, तो 1098 पर कॉल करके उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए 14567 एक महत्वपूर्ण हेल्पलाइन है। सबसे पहले बात करते हैं 112 की। यह भारत सरकार का ऑल-इन-वन इमरजेंसी नंबर है। किसी भी आपात स्थिति चाहे पुलिस की जरूरत हो, फायर ब्रिगेड बुलानी हो, या एंबुलेंस की जरूरत पड़े बस 112 डायल करें, तुरंत सहायता उपलब्ध होती है।
मानसिक तनाव या डिप्रेशन के समय 1800-599-0019 पर कॉल करके मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। अगर कभी ऑनलाइन ठगी हो जाए या साइबर अपराध का सामना हो तो 1930 तुरंत शिकायत दर्ज करने का नंबर है। रेलवे यात्रा के दौरान मदद चाहिए तो 139 पर कॉल करें और सुरक्षा से जुड़ी समस्या में 182 मिलाएं। इन सभी हेल्पलाइन नंबरों को कहीं लिखकर जरूर रखें। आपात स्थिति में यही नंबर आपकी सबसे बड़ी ढाल बन सकते हैं और किसी की जिंदगी बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

















