भुवनेश्वर। ओडिशा के विभिन्न जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई को लेकर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की जा रही पहल के बीच राजधानी भुवनेश्वर में अवैध घुसपैठ का मुद्दा और गंभीर होता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में बांग्लादेशी मूल के घुसपैठियों द्वारा झुग्गी बस्तियां बसाने के मामलों के सामने आने से न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी, चोरी, लूट और अवैध गतिविधियों में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए हिंदू जागरण मंच की भुवनेश्वर महानगर इकाई ने भुवनेश्वर में विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत मंच के भुवनेश्वर महानगर संयोजक डंबरुधर जयसिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नरेट पुलिस के अंतर्गत आने वाले 17 थाना क्षेत्रों का दौरा किया और सभी थानाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपकर घुसपैठियों की पहचान व निष्कासन प्रक्रिया को तेज करने की मांग की।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने भुवनेश्वर-कटक पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और राजधानी में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, पहचान कार्य में तेजी लाने तथा बांग्लादेशियों को वापस भेजने की कार्रवाई को प्राथमिकता देने की मांग की।

आतंकी घटनाओं के हवाले से सुरक्षा पर गहरी चिंता
पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए ज्ञापन में हिंदू जागरण मंच ने देश में हाल के समय में हुई आतंकी घटनाओं का उल्लेख करते हुए आंतरिक सुरक्षा की गंभीर स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन में कहा गया,“गत 10 तारीख को दिल्ली स्थित लालकिला परिसर में हुए बम-विस्फोट ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। इससे पहले अप्रैल माह में पहलगाम में आतंकियों द्वारा आम नागरिकों की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इन घटनाओं ने यह साबित किया है कि देश में मौजूद घुसपैठी और संदिग्ध तत्व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़े खतरे बने हुए हैं।”
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सरकार आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है, लेकिन देश के भीतर रहकर दुश्मन राष्ट्रों के प्रति सहानुभूति रखने वाले तथा रोहिंग्या और बांग्लादेशी जैसे अवैध घुसपैठिए सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश, फिर भी चुनौती कायम
मंच ने इस बात का उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे अवैध घुसपैठियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और थाना स्तर पर उनकी पहचान कर निष्कासन की कार्रवाई की जाए। ओडिशा का गृह विभाग भी निर्देशों के अनुरूप सक्रिय है और कई जिलों में पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से ज्ञापन में कहा गया कि भुवनेश्वर में भी बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए रह रहे हैं, जो नशे की तस्करी, देह व्यापार, अवैध हथियार कारोबार, चोरी, डकैती और पशु तस्करी जैसे आपराधिक मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के कारण राजधानी में अपराध दर बढ़ रही है और नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
एम्स के पास ‘रेहमत नगर’ नामक नई बस्ती भी सामने
मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुनील कुमार बारिक ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को यह भी अवगत कराया कि एम्स भुवनेश्वर के निकट हाल ही में ‘रेहमत नगर’ नामक एक नई अवैध बस्ती विकसित हो गई है। बताया गया कि यह बस्ती सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई है और यहां संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों के रहने की आशंका है।
सुनील कुमार के अनुसार, शहर के कई अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार सुनियोजित तरीके से नई-नई झुग्गियां बसाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में भुवनेश्वर में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है।
पुलिस का आश्वासन: कार्रवाई और अधिक सख्त होगी
मुलाकात के दौरान पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कमिश्नरेट पुलिस द्वारा अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से ही जारी है और आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा किसी भी तरह से समझौते का विषय नहीं है और प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रहा है।

















