संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। ये 18वीं लोकसभा का छठा संसद सत्र है। उससे ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष के द्वारा संसद नहीं चलने देने की बयानबाजियों को लेकर सख्त टिप्पणी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रामा करने के लिए जगह बहुत होती है, जिसे करना है वो करता रहे। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सत्र, संसद देश के लिए क्या सोच रही है, संसद देश के लिए क्या करना चाहती है, संसद देश के लिए क्या करने वाली है, इन मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए, चर्चा में मजबूत मुद्दे उठाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि संसद सत्र में नए चुने गए सांसदों को भी उनकी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए।
13 बिल होंगे पेश
सरकार इस सत्र में 13 बिल पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें जन विश्वास (संशोधन) बिल, दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) बिल, राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) बिल, परमाणु ऊर्जा बिल शामिल हैं। ये कॉर्पोरेट, बीमा, सिक्योरिटीज और उच्च शिक्षा कानूनों में बदलाव लाएंगे। कई बिलों पर स्टैंडिंग कमिटी की जांच नहीं हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) बिल पेश कर सकती हैं, जो 1944 के कानून को अपडेट करेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस बिल पर लोकसभा में छह घंटे की चर्चा होगी, जो विनिर्माण सामानों पर सेस लगाकर सुरक्षा और स्वास्थ्य फंडिंग करेगा। मणिपुर जीएसटी (दूसरा संशोधन) बिल पर तीन घंटे बहस होगी। सेशन की शुरुआत में पूर्व सांसदों कर्नल सोना राम चौधरी, विजय कुमार मल्होत्रा, रवि नायक और अभिनेता-राजनेता धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई।
सभी दलों की बैठक
सेशन से पहले सभी दलों की बैठक हुई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। विपक्षी नेता भी मौजूद थे। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, दलों के सुझावों को सुना गया और संसद सुचारू रूप से चले, स्टालिंग न हो। बिजनेस एडवाइजरी कमिटी ने मुद्दों पर चर्चा की।
















