पाकिस्तान में पिछले दिनों अफवाह उड़ी थी कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में हत्या कर दी गई है। यह आरोप इमरान की बहन की ओर से लगाया गया था जिसे इमरान से जेल में मिलने से रोका गया था। उसने तब संदेह व्यक्त किया था कि शायद उनके भाई की हत्या कर दी गई है। उसके बाद जिन्ना के उस कट्टर इस्लामी देश में सियासी भूचाल उठ गया था। लेकिन बाद में खुलाया हुआ कि हत्या की बात केवल एक अफवाह थी। अब इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के एक सीनेटर ने नया ही आरोप लगाया है। उसने इमरान खान के बारे में एक हैरतअंगेज खुलासा किया है कि उन पर दबाव डाला जा रहा है वह पाकिस्तान से कहीं बाहर जा बसे और पलट कर न देखें।
इमरान की पार्टी पीटीआई के लोगों को संदेह है कि यह दबाव पाकिस्तान की शाहबाज सरकार सेना के जनरल असीम मुनीर के इशारों पर डाल रही है। वही असीम मुनीर जो कल ही सेना के तीनों अंगों के सर्वेसर्वा बने हैं और उनका रुतबा अब अदालतों से भी आगे हो गया है। बताया जा रहा है कि शाहबाज सरकार ने इमरान खान के सामने देश छोड़ने के एवज में एक करार रखा है, जिसमें उन्हें विदेश में रहने की पेशकश की गई है ताकि देश में ‘राजनीतिक स्थिरता’ बनी रहे। यह भी कहा गया है कि अगर वह इस शर्त पर राजी होते हैं तो ही उन्हें जेल से छूट मिल सकती है।

पीटीआई के सीनेटर खुर्रम जीशान ने यह दावा किया है कि इमरान खान को पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसके पीछे सैन्य नेतृत्व और शाहबाज सरकार की मिलीभगत है। यह करार इमरान खान की राजनीतिक गतिविधियों को शिकंजे में कसने के इरादे से बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि इमरान खान देश छोड़ देते हैं तो उन्हें बिना किसी कानूनी परेशानी के विदेश जाने और वहां रहने की अनुमति दी जाएगी, जिससे पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति में कम उथल-पुथल होगी। हालांकि पीटीआई नेता खुर्रम ने ही इस डील को खारिज करते हुए कहा है कि इमरान खान किसी भी प्रकार का सौदा नहीं करेंगे और वे देश के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

कहां हैं इमरान और क्या हैं उन पर आरोप
इमरान खान लंबे समय से कई मामलों में अदालतों और जेल के शिकंजे में फंसे हैं। वे भ्रष्टाचार और हिंसा के आरोपों का सामना कर रहे हैं और अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी पीटीआई देशभर में बड़े आंदोलन कर चुकी है लेकिन सरकार उन्हें छोड़ने को राजी नहीं हुई है। बताते हैं, जेल में उनके साथ जोर—जबरदस्ती की जाती है। पार्टी की ओर से इमरान की रिहाई के लिए दबाव बनाया जाता रहा है लेकिन उसका अभी तक कोई असर नहीं हुआ है। हालांकि इमरान खान ने यह चेतावनी भी दी है कि जेल में यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके पीछे सेना प्रमुख असीम मुनीर का हाथ माना जाए।

शाहबाज सरकार के आरोप
शाहबाज सरकार ने इमरान खान और उनके समर्थकों पर देश-द्रोह और देश-विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार ने पीटीआई पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी भी की थी और पार्टी के कई नेताओं को देश छोड़ने से रोकने के लिए नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दिया है। सरकार का आरोप है कि इमरान खान और उनकी पार्टी देश की राजनीतिक स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उन्होंने हिंसा को उकसाया है, जबकि इमरान की पार्टी इन्हें फर्जी आरोप बता चुकी है।
इस पूरी स्थिति में जिन्ना के देश की सियासत काफी जटिल हो चली है। इसमें एक ओर सरकार है और दूसरी ओर जनरल असीम मुनीर की ‘एकछत्र तानाशाह’ बनकर देश पर हुक्म चलाने की महत्वाकांक्षाएं हैं। वहां हालात सच में संवेदनशील बने हुए हैं। इमरान खान की रिहाई या देश छोड़ने की स्थिति पर तस्वीर क्या बनती है, इस बारे में फिलहाल कुछ कहना मुश्किल है। अभी तो उनके समर्थक देशभर में इमरान की रिहाई और चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पार्टी का शाहबाज सरकार और सेना के साथ टकराव जारी है। इस राजनीति संकट के बीच सरकार और सेना, दोनों ही अपनी नीति पर सख्ती से कायम हैं।
















