हरियाणा के छोटे से गांव जगरंबास, चरखी दादरी निवासी विजय कुमार शोरन (30) की ब्रिटेन में चाकू से घोंपकर हत्या कर दी गई है। वह पढ़ाई के लिए ब्रिटेन गए थे, लेकिन ये सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित हो गया। बताया जाता है कि वह इस साल की शुरुआत में वे यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट ऑफ इंग्लैंड, ब्रिस्टल पहुंचे, जहां हायर स्टडीज के लिए एडमिशन लिया था। 25 नवंबर को उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
क्या है पूरा मामला? विजय चरखी दादरी जगरंबास गांव में उनका परिवार रहता है। वहां की सरकारी नौकरी में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन विजय को लगा कि जिंदगी में कुछ बड़ा करना है। दो साल पहले उन्होंने नौकरी छोड़ी और विदेश जाने की तैयारी शुरू की। परिवार ने उनका साथ दिया, क्योंकि विजय हमेशा कहते थे कि पढ़ाई ही असली ताकत है। इस साल वे ब्रिटेन पहुंचे। ब्रिस्टल की यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला, और वे वहां सेटल हो रहे थे। दोस्तों से बातें होतीं, फोन पर घरवालों को अपडेट देते।
सड़क पर चाकूबाजी
25 नवंबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे, वॉर्सेस्टर शहर की बारबोर्न रोड पर कुछ ऐसा हुआ, जो किसी की समझ से परे है। विजय सड़क पर थे, शायद घर लौट रहे होंगे। अचानक कुछ बदमाशों में उन पर हमला कर दिया। वेस्ट मर्सिया पुलिस को कॉल मिली, और जब वे पहुंचे, तो विजय गंभीर चोटों से जूझ रहे थे। चाकू के कई वार हुए थे। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने ज्यादा देर न चलने दिया। उसी दिन दोपहर तक उनकी सांसें थम गईं।पुलिस ने फौरन एक्शन लिया। घटनास्थल पर जांच शुरू हुई। पांच शक के आरोपी—सभी मर्द—को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया। अभी वे बेल पर बाहर हैं। एक छठा संदिग्ध भी पकड़ा गया था, लेकिन उसे बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है। वे गवाहों से अपील कर रहे हैं कि कोई भी जानकारी हो तो शेयर करें। वॉर्सेस्टर में ये घटना ने डर का माहौल बना दिया है, खासकर इंडियन स्टूडेंट्स के बीच।
परिवार ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद
विजय के बड़े भाई रवि कुमार ने विदेश मंत्रालय (MEA) को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि विदेश में बॉडी वापस लाने के लिए कागजी कार्रवाई, लीगल फॉर्मेलिटीज और पैसे की दिक्कतें बहुत हैं। हम जैसे आम परिवार के बस की बात नहीं। कृपया मदद करें, ताकि विजय का अंतिम संस्कार भारत में हो सके। रवि ने ये भी बताया कि परिवार अभी सदमे में है, लेकिन बिना बॉडी के कुछ हो नहीं पा रहा।
स्थानीय विधायक सुनील सांगवान ने भी इसको लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखा है। विधायक ने सरकार से मामले में एक्शन लेने की मांग की। उनका कहना है कि ये सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे हिंदुस्तान के स्टूडेंट्स की सुरक्षा का सवाल है।

















