पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर के बीच विपक्ष के नेता और बीजेपी सांसद शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य प्रशासन में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिकारी का कहना है कि राज्य सरकार जानबूझकर वोटर लिस्ट में हेरफेर कर रही है, जिससे चुनाव आयोग (ECI) पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने ECI के चीफ ज्ञानेश कुमार को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें पूरे मामले की शिकायत की गई है। ये सब 30 नवंबर 2025 को सिलीगुड़ी में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान सामने आया।
ममता बनर्जी पर लगे आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने सीधे ममता बनर्जी को निशाना बनाया है। उनका आरोप है कि राज्य प्रशासन SIR प्रक्रिया के दौरान धांधली कर रहा है। ECI राज्य सरकार पर ही निर्भर करता है इस काम के लिए, लेकिन यहां तो अफसर लोग जानबूझकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रहे हैं। अधिकारी कहते हैं कि ममता सरकार मृत लोगों के नाम, फर्जी वोटरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम लिस्ट में डाल रही है। ये सब वोट बैंक मजबूत करने के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीनियर अफसर खुद डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और असिस्टेंट ऑफिसर को फोन करके दबाव डाल रहे हैं, ताकि ये नाम हट न जाएं। ये एक सुनियोजित घोटाला है, और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
अधिकारी ने ममता पर ये भी आरोप लगाया कि वो सभी मुसलमानों को अल्पसंख्यक का लेबल देकर वोट बैंक साध रही हैं। चाहे वो उर्दू बोलने वाले हों या बंगाली बोलने वाले, फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि ममता सरकार ‘राष्ट्र-विरोधी’ है, और लोगों को इसे हटाने की अपील की। SIR प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिस पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
इसे भी पढ़ें: नेशनल हेराल्ड केस: 2000 करोड़ के घोटाले में सोनिया-राहुल गांधी के लिए नई मुसीबत, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई FIR
SIR में धांधली के खास मामले
इस घोटाले के कुछ स्पष्ट उदाहरण अधिकारी ने दिए हैं। सबसे बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट में अनुपयुक्त नामों का शामिल होना है। मृत वोटरों के नाम अभी भी लिस्ट में हैं, फर्जी एंट्रीज हो रही हैं, और बांग्लादेश से आए लोगों को वोटर बनाया जा रहा है। सीनियर अफसरों का सीधा फोन कॉल करना ये दिखाता है कि ये ऊपर से निर्देशित है।
इसके अलावा, अधिकारी ने कहा कि ममता सरकार SIR के दौरान न्यूट्रलिटी का उल्लंघन कर रही है। पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। ये सब मिलकर एक बड़ा फ्रॉड का रूप ले चुका है। अधिकारी ने ECI से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बने।
ECI की प्रतिक्रिया और संदर्भ
शुभेंदु अधिकारी ने ECI के हस्तक्षेप का स्वागत किया है। चुनाव आयोग ने पूरे राज्य और जिलों में ऑब्जर्वर तैनात किए हैं। खासकर रिटायर्ड IAS अफसर सुभ्रत गुप्ता को SIR के लिए स्पेशल ऑब्जर्वर बनाया गया है। ये कदम अधिकारी की शिकायतों के बाद उठाए गए लगते हैं। हालांकि, राज्य सरकार या ममता बनर्जी की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है।
ये विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म कर रहा है। SIR प्रक्रिया चुनावों की नींव है, और इसमें गड़बड़ी से लोकतंत्र पर सवाल उठते हैं। अधिकारी का पत्र और उनका बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे लेकर बहस कर रहे हैं। राज्य में बीजेपी लगातार ममता सरकार पर हमलावर है, और ये नया मोर्चा खुल गया है।

















