पश्चिम बंगाल में भी अब वक्फ संशोधन कानून-2025 लागू होगा। सीएम ममता बनर्जी की सरकार ने महीनों की जिद के बाद केंद्र सरकार के नए वक्फ कानून को मान लिया है। पहले तो सीएम ने साफ मना कर दिया था, लेकिन अब डेडलाइन नजदीक आने पर राज्य सरकार ने हामी भर ली। उन्होंने प्रशासन को 82,000 से ज्यादा वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को केंद्र के पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दे दिया है।
क्या है पूरा मामला
अप्रैल 2025 में जब संसद में वक्फ अमेंडमेंट बिल पास हुआ, तो पूरे देश में हंगामा मच गया। बंगाल में तो विरोध की लहर खूब चली। 9 अप्रैल को जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने खुलेआम कहा, “मैं बंगाल में वक्फ अमेंडमेंट एक्ट लागू नहीं होने दूंगी। यहां 33 फीसदी मुस्लिम आबादी सदियों से रह रही है, उनकी रक्षा करना मेरा फर्ज है।” उसके बाद राज्य सरकार ने कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कीं, लेकिन कोई राहत न मिली। महीनों तक डेडलॉक चला, प्रोटेस्ट हुए, लेकिन केंद्र टस से मस न हुआ।
कानून में क्या बदला
वक्फ एक्ट 1995 को 2025 में संशोधित किया गया। मुख्य बदलाव ये हैं कि अब वक्फ बोर्ड और ट्रिब्यूनल में गैर-मुस्लिम सदस्यों को जगह मिल सकती है। साथ ही, किसी संपत्ति को वक्फ घोषित करने का आखिरी फैसला सरकार लेगी। कुछ प्रावधान सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं, लेकिन लागू करने पर कोई रोक नहीं लगी। बंगाल जैसे राज्य में, जहां मुस्लिम समुदाय मजबूत है, ये बदलाव संवेदनशील माने जा रहे थे।
सरकार का यू-टर्न कैसे हुआ
नवंबर 2025 के एक गुरुवार शाम को राज्य के अल्पसंख्यक विकास विभाग के सेक्रेटरी पी.बी. सलीम ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स को चिट्ठी लिखी। इसमें आठ पॉइंट का एक्शन प्लान बताया गया। पहले पोर्टल की खासियतें समझनी हैं, फिर मुतावल्ली, इमाम और मदरसा टीचर्स के साथ मीटिंग-वर्कशॉप करने हैं। जहां जरूरत हो, वहां फैसिलिटेशन सेंटर खोलने हैं ताकि टेक्निकल मदद मिले। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि सेक्शन 3बी के तहत छह महीने में सभी वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन जरूरी है, और कोर्ट ने स्टे नहीं दिया तो मानना पड़ेगा।
डेडलाइन और अमल की तैयारी
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में करीब 82,000 संपत्तियां ऐसी है, जो कि वक्फ बोर्ड के तहत बताई जा रही हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसमें से केवल 8,063 ही रजिस्टर्ड हैं। अब राज्य सरकार ने इनके मुतवल्लियों को आदेश दिया है कि 6 दिसंबर 2025 तक umeedminority.gov.in पोर्टल पर सभी गैर विवादित संपत्तियों का डेटा अपलोड करें।













