भारत में अब ज्यादातर सरकारी कामकाज डिजिटल हो चुके हैं। चाहे बच्चे का स्कूल में दाखिला करवाना हो, परिवार के लिए सरकारी लाभ लेना हो या पासपोर्ट बनवाना हर जगह पहचान से जुड़े सही दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इसी वजह से सरकार ने जन्म प्रमाणपत्र को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। लक्ष्य यह है कि बच्चे के जन्म के समय ही उसकी पहचान से जुड़ी डिटेल एक जगह रिकॉर्ड हो जाए, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैसे होता है न्यूबॉर्न बेबी का जन्म प्रमाणपत्र- जब किसी बच्चे का जन्म अस्पताल में होता है, तो उसकी डिटेल्स वहीं से जन्म पंजीकरण केंद्र तक भेज दी जाती हैं। यह जानकारी सीधे ऑटोमैटिक CRS (Civil Registration System) पोर्टल पर अपडेट हो जाती है। इसी रजिस्ट्रेशन में बच्चे का नाम, जन्म तिथि, समय, जेंडर और माता-पिता की जानकारी दर्ज होती है। नए सिस्टम में यहीं से आधार की प्रोसेस भी शुरू की जा सकती है-
आवेदन करते समय आधार लिंक का विकल्प चुनना होता है। बच्चे के लिए पहले अस्थायी (टेम्परेरी) आधार नंबर जारी होता है। क्योंकि शिशु का बायोमेट्रिक तुरंत नहीं लिया जाता। बाद में बच्चे के बड़े होने पर फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन जैसी जानकारी जोड़ दी जाती है। अगर सभी रिकॉर्ड सही मिल जाते हैं तो जन्म प्रमाणपत्र और आधार अपने आप लिंक हो जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में न माता-पिता को लाइन लगानी पड़ती है और न कहीं चक्कर काटने पड़ते हैं।
यह भी पढ़ें- UIDAI ने बंद किए 2 करोड़ आधार कार्ड, एक क्लिक में जानें आपका आधार एक्टिव है या बंद
अगर बच्चा बड़ा है या दोनों दस्तावेज पहले से बने हैं, तो क्या करें- ऐसी स्थिति में लिंक करना भी बहुत आसान है। बस कुछ स्टेप्स फॉलो करें- CRS की वेबसाइट पर जाएं, General Public SigBirth Certificate updaten Up करके अपना अकाउंट बनाएं। लॉगिन के बाद Birth Registration सेक्शन खोलें। Aadhaar Linking ऑप्शन चुनें। जन्म रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर और मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें। यदि दोनों रिकॉर्ड मैच हो जाते हैं, तो तुरंत लिंकिंग पूरी हो जाती है।















