Red Fort blast: फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी के आसपास एक बड़ी एनआईए जांच चल रही है, जिसमें डॉ. शाहीन पर एंटी-नेशनल एक्टिविटीज और टेरर मॉड्यूल बनाने का आरोप है। गुरुवार रात को एनआईए की टीम शाहीन को लेकर यूनिवर्सिटी पहुंची। वहां उन्होंने शाहीन के उन करीबियों से सवाल-जवाब किया, जिनके साथ उसका संपर्क था। शाहीन को सामने बिठाकर पूछताछ की गई, ताकि सब कुछ साफ हो सके। करीब चार घंटे चली इस कार्रवाई के बाद शाहीन को दिल्ली वापस भेज दिया गया। ये सब एक बड़े टेरर कनेक्शन का हिस्सा लगता है, जहां डॉ. मुजम्मिल नाम का शख्स भी फंसा है।
यूनिवर्सिटी कैंपस में सख्ती
एनआईए टीम जब यूनिवर्सिटी पहुंची, तो उन्होंने शाहीन के कॉन्टैक्ट्स को एक-एक करके बुलाया। डॉ. शाहीन को बीच में बिठाकर बातचीत हुई, जैसे कोई पुरानी दोस्ती या कामकाज का कनेक्शन हो। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भूपेंद्र कौर को भी शाहीन के सामने ही घंटों सवालों का सामना करना पड़ा। कौर ने बताया कि शाहीन यूनिवर्सिटी से जुड़ी रही है, लेकिन ज्यादा डिटेल्स शेयर नहीं कीं। ये पूछताछ रात भर चली, और टीम ने कैंपस के हर कोने को छाना। शाहीन और मुजम्मिल की शादी भी यहीं के एक मस्जिद में हुई थी – निकाह चुपके-चुपके, बिना किसी को बताए। लोग उन्हें कार में साथ देखते थे, लंच साथ खाते हुए, लेकिन अफेयर की अफवाहें थीं। बाद में जांच में पता चला कि ये शादी ही थी।
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खोरी जमालपुर गांव का दौरा
पूछताछ के बाद टीम शाहीन को लेकर खोरी जमालपुर गांव पहुंची, जहां वो मुजम्मिल से शादी के बाद रहती थी। वो एक तीन बेडरूम वाला किराए का घर था, जो पूर्व सरपंच जुम्बा ने मुजम्मिल को दिया था। मुजम्मिल ने झूठ बोला था कि कश्मीर से सेब स्टोर करने के लिए जगह चाहिए। जुम्बा ने बताया कि वो अल फलाह हॉस्पिटल में अपने भतीजे के कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान मुजम्मिल से मिले थे। किराया लिया, लेकिन सेब कभी नहीं आए। जब देरी हुई, तो मुजम्मिल को घर से निकाल दिया। कभी-कभी शाहीन भी घर आती थी। मुजम्मिल ने धौज, फतेहपुर टागा और मुस्लिम बहुल खोरी जमालपुर जैसे इलाकों में हाइडआउट बनाए थे। दिल्ली के रेड फोर्ट अटैक से जुड़ा ये टेररिस्ट शख्स कश्मीरी सेब व्यापारी बनकर घूमता था।
केमिकल शॉप पर नजर
गुरुवार शाम को एनआईए ने नेहरू ग्राउंड के पास एक केमिकल शॉप का भी दौरा किया। मुजम्मिल ने यहां से एक्सप्लोसिव्स बनाने के लिए केमिकल्स खरीदे थे। शॉप ओनर ने कहा कि वो यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को सप्लाई करता है, और हर महीने रिकॉर्ड रखता है। टीम ने सारे पेपर चेक किए, देखा कि क्या-क्या बिका और कब। ये जानकारी टेरर मॉड्यूल के नेटवर्क को समझने में मदद करेगी।पूरी जांच में शाहीन का रोल साफ हो रहा है – वो मुजम्मिल की पार्टनर बनी, हाइडआउट चलाया। एनआईए अब और डीप में जा रही है, लेकिन फिलहाल ये सब सामने आया।

















