ट्रंप के 28-पॉइंट प्लान पर सहमत, फिर क्यों पुतिन ने कहा-यूक्रेन के साथ अभी शांति समझौता कानूनी रूप से असंभव?
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ट्रंप के 28-पॉइंट प्लान पर सहमत, फिर क्यों पुतिन ने कहा-यूक्रेन के साथ अभी शांति समझौता कानूनी रूप से असंभव?

ट्रंप के 28-पॉइंट पीस प्लान पर रूस की सहमति के बावजूद पुतिन ने क्यों कहा कि यूक्रेन के साथ शांति समझौता कानूनी रूप से असंभव? ज़ेलेंस्की की वैधता पर सवाल, चुनाव स्थगित करने का मुद्दा। किर्गिस्तान विजिट में पुतिन का बयान, रूस-यूक्रेन युद्ध में डिप्लोमेसी की चुनौतियां।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Nov 28, 2025, 06:50 am IST
inविश्व
Vladimir Putin Stop war with ukraine on Easter

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फोटो साभार: क्रेमलिन)

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा कि यूक्रेन के साथ अभी कोई शांति समझौता करना कानूनी तौर पर नामुमकिन है। कारण ये है कि यूक्रेन की मौजूदा लीडरशिप ने चुनाव कराने से कन्नी काट ली, जिससे उनकी वैधता ही खत्म हो गई। ये बातें पुतिन ने किर्गिस्तान की अपनी स्टेट विजिट के बाद कहीं। वहां बिश्केक के यंटिमाक ऑर्डो प्रेसिडेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन में रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान उन्होंने ये साफ कर दिया। भले ही अभी डील मुश्किल लग रही हो, लेकिन मॉस्को का इरादा साफ है – भविष्य में कोई न कोई समझौता जरूर करना चाहते हैं। ये सब चल रहा है रूस-यूक्रेन के लंबे खींचे तनाव के बीच, जहां डिप्लोमेसी और मिलिट्री एक्शन दोनों चल रहे हैं।

पुतिन का बयान

पुतिन ने कहा, “अभी यूक्रेन के साथ कोई शांति एग्रीमेंट साइन करना कानून असंभव है।” उन्होंने ये भी जोड़ा कि वो इस टॉपिक पर कई बार बोल चुके हैं। यूक्रेन के लीडर्स ने चुनाव न कराकर एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मिस्टेक किया। खासकर व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने अपनी प्रेसिडेंसी की वैधता खो दी। पुतिन का कहना है कि अगर कोई पीस डील होती है, तो यूक्रेन को मार्शल लॉ हटाना पड़ेगा और तुरंत चुनाव कराने होंगे। लेकिन वो लीडर्स बिना वोट रिगिंग के जीतते दिखाई नहीं देते। पुतिन ने ये भी बताया कि रूस ने तो युद्ध के बीच मार्च 2024 में अपने प्रेसिडेंशियल इलेक्शंस करा लिए, लेकिन यूक्रेन ने मई 2024 वाले चुनावों को मार्शल लॉ का हवाला देकर टाल दिया। मॉस्को के लिए ज़ेलेंस्की अब इलेजिटिमेट हैं।

चुनाव और कानूनी तरीका

ये पूरा मुद्दा यूक्रेन के कानून से जुड़ा है। वहां का कानून कहता है कि राष्ट्रपति चुनाव हर पांच साल में होने चाहिए, जो मई 2024 में होना चाहिए। हालांकि, युद्ध की वजह से मार्शल लॉ लगा हुआ है, तो चुनाव स्थगित कर दिए हैं। पुतिन का कहना है कि ऐसी स्थिति में कोई एग्रीमेंट साइन करने का मतलब ही क्या? अगर साइन भी हो गया, तो नई सरकार आने पर वो अमान्य हो सकता है। रूस इसे एक फंडामेंटल मिस्टेक मानता है–डर के मारे चुनाव न कराना। दूसरी तरफ, रूस ने दिखा दिया कि विवाद के दौरान भी डेमोक्रेटिक प्रोसेस चल सकता है। पुतिन ने इशारा किया कि यूक्रेन की लीडरशिप को चुनावों में जीतने का कॉन्फिडेंस ही नहीं है, वरना वो इतना डर क्यों महसूस कर रहे हैं?

अमेरिकी पीस प्लान का जिक्र

पुतिन ने अमेरिका के प्रपोज्ड पीस फ्रेमवर्क का भी जिक्र किया। ये एक 28-पॉइंट प्लान है, जो यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की एडमिनिस्ट्रेशन ने इस महीने सुझाया। लीक हुए वर्जन के मुताबिक, इसमें यूक्रेन को कई ‘रेड लाइन्स’ छोड़नी पड़ेंगी। जैसे, नाटो मेंबरशिप की चाहत छोड़ना, क्रिमिया और डोनबास (लुगांस्क-डोनेट्स्क) पर क्लेम्स ड्रॉप करना, और आर्मी को 600,000 ट्रूप्स तक लिमिट करना। मॉस्को को अभी ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स नहीं मिले, लेकिन जनरल आइडिया वेलकम है। रूसी ऑफिशियल्स का मानना है कि ये फ्रेमवर्क फाइनल सेटलमेंट का बेस बन सकता है। नेक्स्ट वीक यूएस स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ मॉस्को विजिट करने वाले हैं, तो बातें आगे बढ़ेंगी। पुतिन ने साफ कहा कि रूस एग्रीमेंट में इंटरेस्टेड है, लेकिन लीगल वैलिडिटी के बिना आगे नहीं बढ़ सकते।

Topics: Russia-Ukraineयूक्रेन शांति समझौताUkraine peace dealव्लॉदिमिर पुतिन बयानट्रंप 28-पॉइंट प्लानज़ेलेंस्की वैधतायूक्रेन चुनावVladimir Putin statementTrump 28-point planZelensky legitimacyरूस-यूक्रेनUkraine elections
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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