अमेरिका की चेतावनी: अगर जेलेंस्की शांति समझौते पर नहीं माने तो हालात और खराब होंगे
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अमेरिका की चेतावनी: अगर जेलेंस्की शांति समझौते पर नहीं माने तो हालात और खराब होंगे

अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने कीव में नाटो राजदूतों को ब्रीफिंग दी, जेलेंस्की को चेतावनी दी कि शांति डील न मानने पर यूक्रेन की स्थिति बिगड़ेगी। ट्रंप की 28-पॉइंट योजना में रूस को कब्जे वाले इलाके और माफी, जेलेंस्की ने इसे 'इतिहास का सबसे कठिन पल' बताया। थैंक्सगिविंग तक फैसला।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Nov 23, 2025, 06:49 am IST
inविश्व
Trump peace Plan for ukraine

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अमेरिका एक शांति समझौते पर दस्तखत करने के लिए दबाव डाल रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने नाटो के सहयोगियों को बताया है कि अगर जेलेंस्की ने जल्दी हामी नहीं भरी, तो यूक्रेन की स्थिति और खराब हो जाएगी। यह बातें अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने कीं, जो हाल ही में कीव में नाटो राजदूतों को ब्रीफिंग दे रहे थे। ड्रिस्कॉल ने जेलेंस्की से बात की थी और व्हाइट हाउस से फोन भी आया था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह योजना अभी अंतिम नहीं है, लेकिन वह चाहते हैं कि लड़ाई एक न एक तरीके से रुके।

हालिया बैठकें और घटनाक्रम

शुक्रवार की देर रात ड्रिस्कॉल ने कीव में नाटो के कई देशों के राजदूतों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की के पास ज्यादा चॉइस नहीं है। यह ब्रीफिंग फरवरी 2025 की एक व्हाइट हाउस मीटिंग का हवाला देकर हुई, जहां ट्रंप ने कहा था कि जेलेंस्की के पास कोई ताश के पत्ते नहीं बचे। ड्रिस्कॉल जल्द ही रूस जाने वाले हैं, ताकि वहां योजना पर बात हो। व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को अपने सीनियर सिक्योरिटी अफसरों से कहा कि मॉस्को को योजना की कॉपी मिल गई है और इसे शांति के लिए आधार माना जा सकता है।

इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिका ने योजना का ऐलान किया, जो यूक्रेन के दूसरे सहयोगियों के लिए सरप्राइज था। उन्हें न तो कंटेंट पता था, न फॉर्मेट। शनिवार को ट्रंप ने दोहराया कि यह उनका फाइनल ऑफर नहीं है। कीव में अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जूली डेविस ने ड्रिस्कॉल और यूक्रेनी मिलिट्री के सीनियर अफसरों के साथ रिसेप्शन अटेंड किया।

शामिल लोगों के बयान

ड्रिस्कॉल ने राजदूतों से कहा, “कोई डील परफेक्ट नहीं होती, लेकिन इसे जल्दी करना पड़ेगा।” उन्होंने डिफेंड किया कि ट्रंप चाहते हैं कि अभी शांति हो, और ज्यादा लोग शामिल होंगे तो मुश्किल बढ़ेगी। उन्होंने 28-पॉइंट प्लान का जिक्र टाला, सिर्फ जरूरी बातों पर फोकस किया। जूली डेविस ने डिप्लोमैट्स को बताया कि डील के टर्म्स सख्त हैं, लेकिन यूक्रेन के पास ज्यादा ऑप्शन नहीं। उन्होंने कहा, “यहां से डील बेहतर नहीं होगी, बल्कि बदतर हो जाएगी।”

जेलेंस्की ने शुक्रवार को वीडियो मैसेज में इसे “हमारी हिस्ट्री का सबसे मुश्किल पल” बताया। उन्होंने कहा कि उनके सामने चॉइस है – या तो गरिमा खो दें या एक बड़ा सहयोगी। अमेरिकी एक अफसर ने कहा कि यह डील यूक्रेन के फायदे की है, और ट्रंप-जेलेंस्की मिलकर शांति का डॉक्यूमेंट साइन करेंगे। ट्रंप चाहते हैं कि थैंक्सगिविंग (गुरुवार) तक जेलेंस्की मान जाएं। डेविस ने इसे “एग्रेसिव टाइमलाइन” कहा, जो उनकी करियर की सबसे तेज डिप्लोमैटिक एक्टिविटी है।

शांति डील की मुख्य शर्तें

यह डील यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले इलाकों को छोड़ने को कहती है, साथ ही रूस के कंट्रोल वाले और इलाकों को भी। इसमें युद्ध अपराधों के लिए सभी को माफी मिलेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्लान ट्रंप के सहयोगी स्टीव विटकॉफ और क्रेमलिन के किरिल दिमित्रिएव ने ड्राफ्ट किया है। यह वॉशिंगटन-मॉस्को के बैक चैनल से आया। ड्रिस्कॉल यूक्रेन पोर्टफोलियो संभाल रहे हैं।

अमेरिका और नाटो की प्रतिक्रिया

अमेरिकी अफसर उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में जेलेंस्की को और प्रेशर डाला जाए। अगर मना किया, तो टर्म्स और सख्त होंगे। कीव में नाटो राजदूतों को ब्रीफिंग के दौरान मूड उदास था। उन्होंने डील के कंटेंट, अमेरिका-रूस की बंद बातचीत पर सवाल उठाए। यूरोपीय राजदूत चिंतित हैं कि सहयोगियों को कम शामिल किया गया, और रूस को ड्राफ्ट में ज्यादा इनपुट मिला।

जेलेंस्की की स्थिति

जेलेंस्की ने अभी डील पर साइन नहीं किया। वह इसे गरिमा और सहयोगी के बीच बैलेंस मान रहे हैं। दबाव बढ़ रहा है, लेकिन फैसला उनके हाथ में है।यूक्रेन संघर्ष का व्यापक संदर्भरूस ने 11 साल से ज्यादा समय से इलाके कब्जे में रखे हैं, लेकिन पूर्व में पूरा कंट्रोल नहीं पा सका। लड़ाई जारी है, जिसमें रूस ने यूक्रेन के पावर नेटवर्क पर हमले किए। यह प्लान 2014 से अनसुलझे कब्जे पर टिका है। ट्रंप का अप्रोच पुरानी व्हाइट हाउस टेंशन को देखता है।

Topics: नाटोयूक्रेन शांति समझौताट्रंप जेलेंस्की दबावडैन ड्रिस्कॉलवोलोडिमिर जेलेंस्कीरूस-यूक्रेन युद्धUkraine peace dealRussia-Ukraine warTrump Zelensky pressureVolodymyr ZelenskyDan Driscollnatodonald trumpडोनाल्ड ट्रंप
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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