मुंबई के चेंबूर में स्थित एक मंदिर में काली माता की मूर्ति को मदर मैरी का रूप देने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों से जुड़े लोग आक्रामक हो गए। उन्होंने आरोपी पुजारी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पुजारी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सोशल मीडिया पर भी काली माता की मूर्ति को मदर मैरी के कपड़े पहनाने वाली तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में काली माता की मूर्ति पर चमकीला पीले रंग कपड़ा, सिर पर मुकुट और गोद में छोटा बच्चा (जैसे जीसस को गोद में लिया जाता है) साफ देखा जा सकता है। यह देखते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स भी भड़क गए हैं।
पुजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काली माता की मूर्ति को मदर मैरी के कपड़े पहनाने के आरोप में पुलिस ने पुजारी रमेश को गिरफ्तार कर लिया है। यह चौंकाने वाली घटना चेंबूर-वाशी नाका इलाके के पास स्थित एक काली माता मंदिर की है। बताया जा रहा है कि पुजारी ने 22 नवंबर की रात करीब 9 बजे माता को मदर मैरी के कपड़े पहनाए। जब लोग सुबह काली माता के दर्शन करने आए तो गर्भगृह में उनकी मूर्ति का मदर मैरी रूप देखकर दंग रह गए। इससे भक्तों में व्यापक आक्रोश फैल गया। जैसे ही इस घटना की सूचना हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों को मिली वे मंदिर में इकट्ठा हो गए। यहां हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस थाने में पुजारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके तुरंत बाद आरसीएफ पुलिस स्टेशन में पुजारी रमेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
घटना के पीछे ईसाई मिशनरी, स्थानीय लोगों का दावा
पुलिस पूछताछ में पुजारी रमेश ने बताया कि काली माता उसके सपने में आई थीं। देवी ने खुद उसे मदर मैरी का रूप देने को कहा था। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुजारी ने जानबूझकर यह काम किया है। इसके लिए ईसाई मिशनरियों ने उसे पैसे दिए थे। पुलिस ने पुजारी रमेश को कोर्ट में पेश किया, जहां उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। अधिकारी अब जांच कर रहे हैं कि क्या इस घटना को अंजाम देने में पुजारी के साथ और भी लोग शामिल थे।

















