देहरादून: उधम सिंह नगर जिले में यूपी से लगे एक दर्जन से ज्यादा गांव कस्बों में मुस्लिम बस्तियों पनप गई है। बस्तियों के मकानों में लगे हरे इस्लामिक झंडे लहरा रहे हैं। खास बात ये कि ये अरबों रुपए की सरकारी भूमि है जिन पर यूपी, बिहार और बांग्लादेश से आए मुस्लिमों ने अवैध रूप से कब्जे किए हुए हैं और ये भूमि अब भू माफिया द्वारा खुर्दबुर्द की जा रही है।
नैनीताल जिले के बनभूलपूरा क्षेत्र के अतिक्रमण की तर्ज पर उधम सिंह नगर जिले में भी अवैध रूप से बस्तियां पनप रही हैं। धीरे-धीरे इन बस्तियों में बाहरी राज्यों से आए अपराधी भी पनाह लेने लगे हैं। यूपी बिहार में अपराध किया और यहां बॉर्डर पर आकर छिप गए।
एक सर्वे के मुताबिक, उधम सिंह नगर जिले में दिनेशपुर क्षेत्र में ठंडा नाला नाम की एक अवैध बस्ती ने विकराल रूप ले लिया है। वन और सिंचाई विभाग की ये बेशकीमती सरकारी भूमि है और ये अवैध बस्ती पिछले कुछ समय से पनपी है और यहां बाहरी राज्यों से आगे बड़े नामचीन अपराधी छुपे रहते हैं। पुलिस प्रशासन को भली भांति पता है कि यहां किस तरह का माहौल बन चुका है।
कानून से बचने के लिए बनाई गई हैं सुरंग
यूपी और उत्तराखंड पुलिस जब भी यहां किसी अपराधी की तलाश में दबिश देने आती है तो उसे भारी संख्याएं फोर्स साथ लानी पड़ती है। खबर तो ये भी है यहां अपराधियों ने छिपने या भागने के लिए सुरंगे तक खुद रखी है। जानकारी के मुताबिक, ये वन भूमि थी जिसे सिंचाई विभाग को एक योजना के लिए दिया गया। यहां सिंचाई विभाग में काम करने के लिए मुस्लिम श्रमिक यूपी से आए और फिर यहीं सरकारी भूमि पर कब्जे कर बैठ गए। उसके बाद धीरे धीरे इनके रिश्तेदार आकर भी बस गए। इन्हीं के बीच अपराधी भी पनपने लगे।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबी इस अतिक्रमण पर आई सर्वे रिपोर्ट के बाद वर्ष 2021/2023 में सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 40 लोगों को नोटिस दिया गया है। आज इनकी संख्या लगभग 100 परिवार हो गए, इनमें 800 से अधिक लोगों के अवैध कब्जे हैं।
क्राइम एरिया बन रहा है बनभूलपुरा
दूसरी ओर पंतनगर एयरपोर्ट की दीवार से लगता हुआ वृहत अतिक्रमण भी बनभूलपुरा की तरह क्राइम एरिया बन रहा है। यहां लगभग 20 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण बताया जा रहा है। यह भूमि गोविंद बल्लभ पंतनगर यूनिवर्सिटी की है यानी सरकारी भूमि पर संदिग्ध लोगों की अवैध कब्जे हैं। एक तरफ उत्तराखंड सरकार भूमि के अभाव में पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार नहीं कर पा रही है दूसरी तरफ सरकारी भूमि पर बाहरी लोगों के अतिक्रमण खाली नहीं हो पा रहे हैं।
किच्छा में पुलभट्टा के पास गौला नदी किनारे अवैध कालोनियां बन गई है। रुद्रपुर शहर में ही पहाड़गंज और खेड़ा में मुस्लिम बस्तियां सरकारी भूमि पर खड़ी हो चुकी है जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन ने नोटिस दिए हैं। यहां अवैध मदरसे अवैध रूप से मस्जिदें तक बना दी गई है। ऐसे ही बस्तियां दोराहा, गदरपुर में भी देखने में आई हैं। इन बस्तियों के कच्चे पक्के मकानों पर हरे इस्लामिक झंडे लहरा रहे हैं।जिन्हें देख लगता ही नहीं कि उत्तराखंड सनातन देवभूमि है।
एडीएम का बयान
उधम सिंह नगर के एडीएम पंकज उपाध्याय से जब इस बाबत जानकारी मांगी गई तो उनका कहना था कि एक भूमि सिंचाई विभाग की है दूसरी पन्त विश्व विद्यालय की है। दोनों विभागों को स्वयं अतिक्रमण हटाना चाहिए उन्हें प्रशासनिक मदद चाहिए होगी तो हम देने को तैयार है।
सीएम धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ये कहते आए हैं कि उत्तराखंड के सनातन स्वरूप को बिगड़ने नहीं देंगे। डेमोग्राफी चेंज को रोकने के लिए लैंड जिहाद के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। अब तक ,9500 एकड़ सरकारी भूमि खाली करवाई जा चुकी है।

















