Red fort Blast: दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके ने पूरे शहर को हिला दिया था। इस धमाके के पीछे हाथ था पुलवामा के उमर उन नबी का, जो एक हुंडई i20 कार में विस्फोटक भरकर आया था। मंगलवार को उसके फोन से एक डरावना वीडियो सामने आया, जिसमें उमर आत्मघाती हमलों को जायज ठहराने की कोशिश करता नजर आता है। वो इसे ‘शहादत का ऑपरेशन’ कहता है। ये वीडियो उसके घर पर छूटे फोन से मिला, जिसे उसके भाई ने पहले डर के मारे तालाब में फेंकने की कोशिश की, लेकिन बाद में जांच एजेंसियों को सौंपना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि ये पाकिस्तान की आईएसआई का पुराना तरीका है, जो नए भर्तियों के दिमाग में सुसाइड को हराम मानने का डर कम करने के लिए इस्तेमाल करती है। हाफिज सईद के करीबी अब्दुल रहमान मक्की ने तो इस पर किताब तक लिखी है।
वीडियो में क्या बोल रहा था उमर?
वीडियो धमाके से ठीक पहले का लगता है। उमर टूटी-फूटी इंग्लिश में किसी को समझा रहा है, जैसे कोई लेक्चर दे रहा हो। वो कहता है, “ये सुसाइड बॉम्बिंग का गलत मतलब समझा जाता है। ये शहादत का ऑपरेशन है, जो इस्लाम में माना जाता है।” वो बताता है कि इसमें इंसान किसी खास जगह और वक्त पर मरने का फैसला लेता है। जांच में पता चला कि उमर मगरीब और इशा की नमाज के बाद ही आईईडी फोड़ने का इंतजार कर रहा था।
वीडियो में वो कहता है, “मल्टीपल आर्ग्यूमेंट्स इसके खिलाफ हैं। लेकिन शहादत का मतलब है कि तू जानता है कि तू किसी खास जगह पर मरेगा, फिर भी जाता है।” वो ये भी जोर देता है कि लोग सुसाइड बॉम्बिंग को गलत समझते हैं – ये मौत को डेस्टिनेशन न मानकर एक मिशन है। उमर कैमरे में सीधा नहीं देखता, सोचते हुए बोलता है, जैसे स्क्रिप्ट न पढ़ रहा हो। साइकोलॉजिस्ट्स का मानना है कि ये सब नेचुरल लगाने की कोशिश थी।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
सर गंगा राम हॉस्पिटल के सीनियर साइकियाट्रिस्ट डॉक्टर राजीव मेहता कहते हैं कि उमर की बॉडी लैंग्वेज से साफ झलकता है कि वो पूरी तरह कन्विंस्ड था। “उसकी कॉन्फिडेंस हाई थी, जैसे उसे यकीन था कि उसके काम की तारीफ होगी। वो दूसरों को इंस्पायर करने की कोशिश कर रहा था, जैसे ये किसी बड़े मकसद के लिए जरूरी कदम हो।” डॉक्टर मेहता ने ये भी कहा कि बोलने का तरीका ब्रेनवॉशिंग का सबूत है। उमर का हार्डलाइन जिहादी आइडियोलॉजी साफ दिखता है, जो उसे सुसाइड अटैक के लिए तैयार कर चुका था। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसे वीडियोज रिक्रूट्स को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए बनाए जाते हैं।
उमर का बैकग्राउंड और घटनाक्रम
उमर पुलवामा का रहने वाला था। 10 नवंबर को वो कार में विस्फोटक लादकर दिल्ली पहुंचा। उसका घर में ही फोन छूट गया था। जिसे उसके भाई ने पहले डरकर उसे तालाब में डुबोने की सोची, लेकिन एजेंसियों को दे दिया। खुफिया टीमों ने वीडियो एनालाइज किया, जिसमें उमर फिदायीन ऑपरेशन्स और सुसाइड अटैक के बीच फर्क बता रहा था। अफसरों का कहना है कि आईएसआई ऐसे नैरेटिव्स से नए लोगों को ललचाती है। वीडियो में उमर किसी को कन्विंस कर रहा था, जैसे ग्रुप डिस्कशन हो। जांच जारी है, लेकिन ये वीडियो उमर के दिमागी हालत को खोल देता है।















