पिछले शनिवार को पंजाब के फिरोजपुर में आरएसएस कार्यकर्ता नवीन अरोड़ा की नृशंस हत्या के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि केरल और पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब भी आरएसएस कार्यकर्ताओं और हिंदूवादी संगठनों के लिए असुरक्षित होता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले नौ वर्षों में इन संगठनों के आठ कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। पंजाब कभी आतंकवाद से ग्रस्त राज्य था और तब भी हिंदू नेताओं को आतंकवादियों और अलगाववादियों द्वारा निशाना बनाया जाता था और यही प्रवृत्ति आज भी जारी है। यही कारण है कि आतंकवादी और अलगाववादी तत्व राज्य में लगातार अपनी गतिविधियां चला रहे हैं और राज्य में बढ़ती गुंडागर्दी ने इस काम को और भी आसान बना दिया है।
पंजाब में बढ़ती टारगेट किलिंग
पंजाब में हिंसा के नए दौर में इन हत्याओं को टारगेट किलिंग करार दिया गया है, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव पैदा करके पंजाब को अस्थिर करना है। सुरक्षा विशेषज्ञ भी इस बात से सहमत हैं। पिछले 9-10 वर्षों में करीब आठ हिंदू नेता टारगेट किलिंग के शिकार हुए हैं। इन घटनाओं की समय-सीमा और शनिवार को फिरोजपुर में आरएसएस पदाधिकारी बलदेव अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा की हत्या से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पहले रेकी के बाद नजदीक से गोलीबारी की जाती है और फिर हमलावर बेखौफ होकर भाग जाते हैं। आरोपी नवीन की हत्या करने के लिए पैदल आए, दिनदहाड़े उसे नजदीक से गोली मारी और फिर फरार हो गए।
पंजाब में गैंग्स्टर–आतंकी गठजोड़ ने बढ़ाई टारगेट किलिंग की साजिशें
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य पंजाब की शांति को भंग करना है। कई हाई-प्रोफाइल मामलों में आतंकवादी संबंध और विदेशी संचालकों की संलिप्तता सामने आई है। यही कारण है कि अधिकांश मामलों में मुख्य आरोपी पकड़ से बच निकलते हैं, तथा मामले वर्षों तक विचाराधीन रहते हैं। स्वजनों को इंसाफ का इंतजार है। 2016 में जालंधर में हुआ संघ के प्रांत सह-संघचालक ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा हत्याकांड इस पैटर्न का शुरुआती केस था। इसके बाद लगातार ऐसी घटनाएं होती चली गईं। लुधियाना में संघ कार्यकर्ता रविंदर गोसाई भी टारगेट किलिंग के शिकार हुए। दोनों हत्याकांड की एनआइए जांच में गैंग्स्टर-आतंकी गठजोड़ की थ्योरी मजबूत हुई। इन पर पंजाब के गैंग्स्टरों को विदेशों से टारगेट देकर हमला कराया गया।
पंजाब में हिंदू नेताओं पर बढ़ते हमले
वर्ष 2022 में अमृतसर में हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या तो मंदिर के सामने चल रहे प्रदर्शन के दौरान कैमरों के सामने पुलिस की मौजूदगी हुई। इस घटना से हिंदू संगठनों में तीखी नाराजगी पैदा की। 2023-2024 में व्यापारिक संगठनों और मंदिर कमेटियों से जुड़े हिंदू चेहरों को भी निशाना बनाया गया। जालंधर में दिवेश गुप्ता, लुधियाना में संदीप अरोड़ा, फाजिल्का के रवि महादीप पाटियाला फाजिलका के गुप्ता और पठानकोट में संजय गुप्ता पर फायरिंग व जानलेवा हमला कर दशहत फैलाने की कोशिश की गई। कई मामलों में सिख फार जस्टिस (एसएफजे) और कनाडा आधारित गैंग्स्टर-आतंकी माड्यूल का नाम जांच में सामने आया। पुलिस का दावा है कि हथियारों की सप्लाई और फंडिंग में पाकिस्तान और विदेश में बैठे हैंडलरों की भूमिका बढ़ती जा रही है। विदेशी कनेक्शन जुडऩे के कारण कई मामले अभी भी अंडर ट्रायल हैं। उधर, हिंदू संगठनों के नेताओं का कहना है कि आज भी हिंदू नेता सुरक्षा में कमी महसूस कर रहे हैं। हालांकि पंजाब पुलिस का कहना है कि प्रमुख हिंदू नेताओं को रिव्यू के तहत सुरक्षा दी जा रही है।
हिंदू नेताओं की हत्या के मामले
- 23 अप्रैल, 2016 – लुधियाना के खन्ना में शिवसेना नेता दुर्गा प्रसाद गुप्ता की हत्या, जांच जारी।
- 6 अगस्त. 2016 – जालंधर में संघ के प्रांत सह-संघचालक ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या की जांच जारी, मास्टरमाइंड विदेश में।
- 14 जनवरी, 2017 – लुधियाना में हिंदू तख्त के प्रचारक अमित शर्मा की हत्या, कई संदिग्ध पकड़े
- 17 अक्तूबर 2017 – आरएसएस नेता रविंदर गोसाई की लुधियाना में हत्या, विदेश से जुड़ी कडिय़ां।
- 30 अक्तूबर,2017 – अमृतसर में हिन्दू संघर्ष सेना के जिला प्रधान 2017 विपिन शर्मा की हत्या, पुलिस ने माडयूल पकड़ा, अभी तक जांच जारी
- 4 नवंबर, 2022 – अमृतसर में शिव सेना नेता सुधीर सूरी की गोली मार हत्या, हत्या में आतंकी कनेक्शन। शूटर गिरफ्तार। एनआइए कर रही मामले की जांच।
- 13 अप्रैल, 2024 – नंगल में विहिप नेता विकास प्रभाकर की हत्या। एनआइए कर रही जांच, आइएसआइ व आतंकी संगठनों का कनेक्शन आया सामने।
- 15 नवम्बर, 2025 – फिरोजपुर में नवीन अरोड़ा की हत्या।

















