छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को सुकमा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई, जहां जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। यह मुठभेड़ चिंतागुफा और भेज्जी थाना क्षेत्र के कारीगुंडम इलाके में रविवार सुबह हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भेज्जी-चिंतागुफा के सीमावर्ती जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जब DRG के जवान तुमालवाड़ा के घने जंगलों में पहुंचे तो वहां पहले से छिपे नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसके दौरान तीन नक्सली ढेर हो गए। मारे गए नक्सलियों की पहचान जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर विशेषज्ञ माडवी देवा, कोंटा एरिया कमेटी के कमांडर पोड़ियम गंगी और एरिया कमेटी सदस्य सोड़ी गंगी के रूप में की गई है।
तीनों नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मौके से पुलिस ने 303 राइफल, BGL लॉन्चर समेत कई हथियार और गोले-बारूद भी बरामद किए हैं। इससे यह साबित होता है कि मारे गए नक्सली बड़े घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी में थे। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर में माओवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक क्षेत्र से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए बड़ा अभियान चल रहा है और इसमें सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल साल 2025 में अब तक बस्तर रेंज में 233 नक्सली मारे जा चुके हैं, जो अभियान की बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पहले भी बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें तीन महिला नक्सलियों समेत छह नक्सली मार गिराए गए थे। इन नक्सलियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम था।
















