भुवनेश्वर । ओडिशा में गौ-तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, और तस्करों के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि वे अब ग्रामीणों पर हमले से भी पीछे नहीं हट रहे। केंद्रापड़ा में गौ-तस्करों द्वारा की गई फायरिंग में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि केन्दुझर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में गौवंश से भरे वाहन पलटने से तीन गौवंशों की मौत हो गई। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केंद्रापड़ा : गौ-तस्करों की फायरिंग में युवक घायल
केंद्रापड़ा जिले के सदर थाना क्षेत्र के नरनपुर इलाके में तड़के लगभग 3 बजे कथित गौ-तस्करों द्वारा की गई फायरिंग में एक युवक घायल हो गया। घायल युवक की पहचान पस्ता गांव के निवासी अक्षय दास के रूप में हुई है, जिसे बाईं जांघ में गोली लगी।
सूत्रों के अनुसार, गांडाकिया चौक के पास कुछ स्थानीय युवकों ने एक संदिग्ध वाहन को रोका, जिस पर अवैध तरीके से मवेशियों को ले जाने का संदेह था। युवकों ने पहले भी इसी वाहन पर आपत्ति जताई थी और इसके अवैध गतिविधियों में शामिल होने की शिकायत की थी।
जब स्थानीय लोग चालक से पूछताछ कर रहे थे, तभी पीछे से एक बोलेरो वाहन तेज़ी से मौके पर पहुंचा। बोलेरो में बैठे लोगों ने अचानक युवकों पर हमला कर दिया, जिसके बाद युवक अपनी जान बचाने के लिए भागकर गांव की ओर दौड़े। हमलावर, जिन्हें गौ-तस्कर बताया जा रहा है, उनके पीछे गांव के भीतर तक पहुंच गए।
एक स्थानीय युवक ने आरोप लगाते हुए कहा, “हम चार लोग थे। पहले उन्होंने हमें धमकाया, फिर बंदूक निकाल ली। कुछ ही देर बाद दो और वाहन आ गए, जिनमें से एक बोलेरो में करीब 12 लोग थे। उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी और एक निर्दोष व्यक्ति को गोली मार दी।”
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने फायरिंग और गौ-तस्करी के इस मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध वाहनों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
केन्दुझर : गौ-तस्करी करने वाले दो वाहन पलटे, तीन मवेशियों की मौत
केंद्रापड़ा की घटना के साथ-साथ केन्दुझर जिले में गोवंश की तस्करी से संबंधित दो अलग-अलग हादसों ने स्थिति की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया।
हरिचंदनपुर में चोरी किए गए गौवंश से भरा बोलेरो वाहन दुर्घटनाग्रस्त नरणपुर–डुबुरी 720 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरिचंदनपुर थाना क्षेत्र के भगामुंडा हाट चौक के पास एक बोलेरो वाहन पुल की सुरक्षा दीवार से टकराकर पलट गया। इस दुर्घटना में चालक और उसका सहायक गंभीर रूप से घायल हो गए। वाहन में पाँच गौवंश लदे थे, जिनमें से एक की मौत हो गई।
पैट्रोलिंग कर रही पुलिस की टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को पाया। जांच के दौरान बोलेरो के भीतर पांच गायें मिलीं। पूछताछ में चालक और सहायक ने स्वीकार किया कि वे ढेंकानाल जिले के परजंग इलाके से गायों को चोरी कर लाए थे और उन्हें पश्चिम बंगाल में बेचने के लिए ले जा रहे थे।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा, वाहन को जब्त किया और गायों को छुड़ाया। इस संबंध में थाने में केस नंबर 262/14-11 के तहत धारा 281/125(ए)/125(बी)/303(2)/111(4)/3(5) बीएनएस और आरडब्ल्यूएस अधिनियम की धारा 11(1)(ए) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
बांशपाल में गौ-तस्करी कर रही पिकअप वैन पलटी, दो बैलों की मौत
वहीं दूसरी ओर, केन्दुझर जिले में बांशपाल ब्लॉक के कांजीपानी थाना अंतर्गत तल जनमारी गांव के पास एक पिकअप वैन, जिसमें चोरी किए गए बैल थे, अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो बैलों की दबकर मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन तेज़ रफ़्तार से गौतस्करी करने वाले वाहन गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस रात्रि गश्त को मजबूत करती, तो ऐसे हादसों और अवैध गतिविधियों को रोका जा सकता था।
घटना के काफी देर बाद भी पुलिस के मौके पर न पहुँचने से स्थानीय लोगों में नाराज़गी देखी गई। ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ रही मवेशी चोरी और तस्करी को खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस वाहन के चालक व अन्य लोग वहां से भाग निकले ।
स्थानीय लोगों का रोष और पुलिस पर सवाल
केंद्रापड़ा और केन्दुझर में एक ही दिन में सामने आए इन मामलों ने पूरे क्षेत्र में रोष फैला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मवेशी तस्करी का नेटवर्क दिनोंदिन मजबूत होता जा रहा है, जबकि पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि पेट्रोलिंग बढ़ाने, हाईवे पर चेकिंग पॉइंट बनाने और अवैध गौवंश परिवहन में शामिल गिरोहों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

















