नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां लाल किला (Red Fort) के पास हुई कार ब्लास्ट की घटना की गहन जांच कर रही हैं। गुरुवार को विस्फोट स्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया और फॉरेंसिक टीम वाहन के अवशेषों की जांच कर रही है ताकि विस्फोट के कारण और उसकी प्रकृति का पता लगाया जा सके।
एफएसएल टीम ने शव का हिस्सा बरामद किया
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने नई लाजपत राय मार्केट क्षेत्र में एक दुकान की छत से शव का एक हिस्सा बरामद किया है, जो ब्लास्ट साइट के पास मिला। इस हिस्से को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि दिल्ली ब्लास्ट की चल रही जांच में मदद मिल सके।
लाल किला ब्लास्ट में अब तक 12 की मौत, डॉक्टरों का मॉड्यूल जिम्मेदार
ऐतिहासिक लाल किला विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कम से कम चार डॉक्टरों को चिन्हित किया है जो देशभर में कई जगहों पर ब्लास्ट करने की साजिश रच रहे थे।
अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से तीन डॉक्टर हैं — जिनमें एक महिला भी शामिल है। डॉ उमर नबी को उस Hyundai i20 कार का चालक बताया गया है जिससे विस्फोट हुआ।
ट्रांसनेशनल टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश
अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपी एक हाल ही में उजागर हुए ट्रांसनेशनल टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हैं, जिसमें डॉक्टरों, मौलानाओं और व्यवसायियों जैसे पेशेवर शामिल थे। डॉ उमर की मौत कार में हुए विस्फोट में हो गई, जबकि अन्य तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विस्फोट में इस्तेमाल हुई कई गाड़ियाँ जब्त
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसके तहत देश के कई स्थानों पर हमले किए जाने थे। जांच एजेंसियों ने Hyundai i20 विस्फोट के बाद कई अन्य वाहनों — जिनमें EcoSport और Brezza शामिल हैं— को जब्त किया है और संभावित रूप से शामिल अन्य वाहनों की तलाश जारी है।
डीएनए टेस्ट से हुई आरोपी की पहचान
दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि लाल किला कार ब्लास्ट को अंजाम देने वाला व्यक्ति डॉ उमर उन नबी ही था। यह पुष्टि फॉरेंसिक डीएनए परीक्षण के बाद हुई, जब उसकी जैविक सैंपल की तुलना उसकी मां के सैंपल से की गई और दोनों मैच हो गए।
10 नवंबर की शाम हुआ था विस्फोट
10 नवंबर की शाम लाल किला परिसर के पास एक Hyundai i20 कार में हुआ ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि उसमें 12 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब इस मामले की गहन जांच कर रही हैं ताकि पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

















