गत 10 नवम्बर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट को लेकर भारत सहित पूरे सभ्य जगत में आक्रोश है। अमेरिका, इस्राएल और रूस के साथ ही अनेक पश्चिमी देशों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की है और भारत के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। इतना ही नहीं, दुनिया के अनेक मुस्लिम देशों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करने के अलावा आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में साथ होने की बात की है। सऊदी अरब, कतर, ईरान, मालदीव सहित अनेक मुस्लिम देशों ने न सिर्फ मारे गए लोगों और पीड़ितों के प्रति गहरा दुख प्रकट किया है, बल्कि भारत के आतंकवाद विरोधी संघर्ष में खुला समर्थन और एकजुटता प्रकट की है। इन देशों के बयान भारत सरकार और जनता को संवेदना, सहानुभूति और सुरक्षा के आश्वासन के साथ सामने आए हैं।
सऊदी अरब का समर्थन
सऊदी अरब ने लाल किला आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। नई दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि सऊदी अरब सरकार और जनता भारत की सरकार और नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करती है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और विशेष रूप से भारत की संप्रभुता और शांति बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन किया। बयान से यह स्पष्ट हुआ कि सऊदी अरब हर समय और हर स्थिति में भारत के साथ खड़ा रहेगा, खासकर आतंकवाद जैसी चुनौतियों के खिलाफ।
संयुक्त अरब अमीरात की प्रतिक्रिया
यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा कि वह दिल्ली विस्फोट जैसी हिंसा और आतंकवाद की सभी गतिविधियों को अस्वीकार करता है व सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने वाले आपराधिक कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। इस देश के बयान में पीड़ितों के परिवारों, भारत सरकार और जनता के लिए गहरी संवेदना और सहानुभूति जताई गई है। साथ में घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।

ईरान ने दर्शाई एकजुटता
ईरान ने दिल्ली विस्फोट पर भारत के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व एकजुटता जताई है। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने बयान में कहा कि इस्लामी गणराज्य को कार विस्फोट में भारतीय नागरिकों की मौत व घायलों का गहरा दुख है। बयान में पीड़ितों के परिवारों के धैर्य व सांत्वना की कामना की गई है। ईरान ने साफ किया कि वे आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संघर्ष में पूरी तरह साथ हैं।
कतर का वक्तव्य
खाड़ी देश कतर ने भी दिल्ली धमाके की कड़े शब्दों में निंदा की और भारत के प्रति समर्थन जताया है। कतर सरकार ने घटना को आतंकवाद का घृणित कार्य बताया और पीड़ितों के शोकग्रस्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। ‘कतर ट्रिब्यून’ ने एक रिपोर्ट में कहा कि कतर भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का समर्थन करता है।
मालदीव ने प्रकट किया समर्थन
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी पोस्ट में दिल्ली विस्फोट में जान गंवाने वालों के प्रति दुख और शोक प्रकट किया तथा घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने लिखा कि मालदीव इस मुश्किल समय में भारत की जनता और सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है। इसी तरह मलेशिया, मिस्र व कुछ अन्य मुस्लिम देशों ने भी घटना की निंदा करते हुए भारत को अपना समर्थन व सहानुभूति जताई है।
आतंकवाद के विरुद्ध साझा मजबूत रुख
इन सभी मुस्लिम देशों के बयानों में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आई है और वह है कि सबने आतंकवाद की निंदा की है और भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में सहयोग प्रदान करने का वादा किया है। यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि भारत के साथ पश्चिम एशिया समेत मुस्लिम देशों का सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है, विशेष रूप से सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर ये देश भारत का समर्थन करते हैं।
दिल्ली बम विस्फोट पर सऊदी अरब, कतर, ईरान, यूएई, मालदीव जैसे मुस्लिम देशों ने जिस तरह भारत के प्रति सहानुभूति और एकता दिखाई है, वह न सिर्फ कूटनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदार भूमिका भी रेखांकित करता है। संदेह नहीं कि भारत को मिले इस समर्थन से उसके आतंकवाद विरोधी प्रयासों को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।

















