नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल कार को लेकर नया खुलासा हुआ है। इस आतंकी हमले में जिस आई-20 कार का इस्तेमाल हुआ था वो 11 साल में 5 बार बिक चुकी थी। धमाके में यूज हुई i20 कार के खरीददारों की सूची भी सामने आ गई है। इसी कार में विस्फोट के जरिए डॉक्टर उमर ने खुद को उड़ा लिया था।
2014 में नदीम ने खरीदी कार
दिल्ली आतंकी हमले में इस्तेमाल आई-20 कार (HR26CE7476) 18 मार्च 2014 को नदीम ने गुरुग्राम के शोरूम से खरीदी। इसके बाद नदीम ने कार को 2017 में गुरुग्राम के शांति नगर के सलमान को बेच दी। सलमान ने कार अपने नाम रजिस्टर्ड करा ली। इसके बाद तीसरी बार यह कार मार्च 2024 में सलमान ने एक्सचेंज ऑफर के तहत पुरानी कार की खरीद-फरोख्त करने वाली एजेंसी के जरिए दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी। लेकिन कार उसके नाम रजिस्टर्ड नहीं हो पाई।

29 अक्टूबर 2025 को आमिर रशीद ने खरीदी कार
देवेंद्र ने एक्सचेंज ऑफर में कार फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित रॉयल कार जोन के मालिक अमित पटेल को बेच दी। इस तरह यह कार पांचवी बार अमित पटेल ने खरीदी। इसके बाद उन्होंने कार का विज्ञापन ओएलक्स (OLX) पर डाला। जिसे देखकर 29 अक्टूबर 2025 को आमिर रशीद व एक अन्य व्यक्ति कार खरीदने पहुंचे। उन्हें स्टाफ में तैनात सोनू ने हैंडल किया। उसने 10 हजार रुपए कमीशन लेकर कार आमिर को बेच दी।
आमिर के आधार कार्ड में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का पता दर्ज था। यह कार 1.70 लाख रुपए में बेची गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अलफलाह मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. उमर नबी ने ही कार के पैसे दिए। आमिर ने कार उमर को दे दी। डॉक्टर उमर ने इस कार में खुद को उड़ा लिया।















