नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी विस्फोट को लेकर नये-नये खुलासे हो रहे हैं। आतंकियों की खुफिया प्लानिंग भी अब सामने आ रही है। सूत्रों के हवाले से मीडिया में इस धमाके को लेकर चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आ रही हैं। जांच एजेंसियों को आतंकियों से पूछताछ में नई-नई बातें पता लग रही हैं। एक टीवी चैनल ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जैश के आतंकियों ने पांच चरणों में देश में आतंक फैलाने की साजिश रची थी। पैसा जुटाने से लेकर बारूद इकट्ठा करने तक की आतंकियों की सारी प्लानिंग का भंडाफोड़ हुआ है। आतंकियों ने दिल्ली और देश के अन्य जगहों को दहलाने का यह प्लान अगस्त में बनाया था।
3 लाख में खरीदा था तबाही का सामान, 6 दिसंबर को 6 जगहें विस्फोट की थी योजना
जांच एजेंसियों की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आतंकियों ने तीन लाख रुपये में तबाही का सामान खरीदा था। उन्हें छह दिसंबर को छह जगहों पर सीरियल बम धमाकों से दिल्ली और आसपास के इलाकों को दहलाना था। लेकिन लाल किला के पास धमाका होते ही उनकी साजिश बेनकाब हो गई। आतंकियों के निशाने पर अगले साल की 26 जनवरी भी थी। जैश से जुड़े ये डॉक्टर आतंकी बाबरी मस्जिद के ढांचे को गिराये जाने का बदला लेना चाहते थे।
जैश से जुड़े डॉक्टर आदिल और अन्य ने इकट्ठा किए थे 30 लाख
इसके लिए डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, डॉ. उमर और डॉ. शाहीन ने 30 लाख रुपये इकट्ठा किए थे। इस पैसे को उन्होंने दिल्ली विस्फोट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी उमर को दिया था। जिसमें से तीन लाख रुपये में 26 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइजर (विस्फोटक)खरीदा गया था। इस विस्फोटक को हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम जैसे बाजारों से उर्वरक के तौर पर खरीदा गया था। इस फर्टिलाइजर और केमिकल का आईईडी के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
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रूम नंबर 13 में मिलते थे सारे आतंकी…..लैब से चुराया था केमिकल
इस पूरे प्रकरण में अल फलाह यूनिवर्सिटी भी सवालों के घेरे में है। क्योंकि इसी यूनिवर्सिटी में आतंकियों की सीक्रेट मुलाकात होती थी। अल फलाह यूनिवर्सिटी की 17 नंबर बिल्डिंग के रूम नंबर 13 में इस आतंकी साजिश में शामिल सारे आतंकी मिलते थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी की लैब से केमिकल भी चुराया था। यहीं से केमिकल फरीदाबाद में धौज और तगा गांव में भेजा गया था। इसी कमरे में अमोनियम नाइट्रेट और अन्य रसायनों के साथ विस्फोटक बनाया गया था। इन आतंकी डॉक्टरों का कनेक्शन आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से था।















