नई दिल्ली । इस साल मई से नवंबर 2025 के बीच भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया। इन छह महीनों में देश के कम-से-कम 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई की गई, जिसमें करीब 60 आतंकियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन आतंकवादी मारे गए।
विस्फोटक और हथियारों की बड़ी बरामदगी
सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान करीब 3,000 किलोग्राम विस्फोटक, कई AK-56 रायफलें, पिस्तौलें, ग्रेनेड, डेटोनेटर और डिजिटल दस्तावेज़ बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि इन मॉड्यूल्स में डॉक्टर, मौलवी और तकनीकी विशेषज्ञ जैसे लोग भी शामिल थे। एजेंसियों ने इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा एंटी-टेरर ऑपरेशन बताया है।
देश के 14 राज्यों में चला संयुक्त अभियान
जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में यह अभियान चलाया गया। इन सभी राज्यों में NIA और स्थानीय पुलिस के बीच मजबूत समन्वय देखने को मिला।
हरियाणा में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती
सबसे बड़ी बरामदगी हरियाणा के फरीदाबाद में हुई, जहां 2,563 किलोग्राम विस्फोटक और डेटोनेटर ज़ब्त किए गए। इस कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक व्हाइट कॉलर नेटवर्क को उजागर किया, जिसके तार जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गज़वत-उल-हिंद से जुड़े पाए गए।
दिल्ली और राजस्थान में आईएसआईएस और टीटीपी मॉड्यूल ध्वस्त
दिल्ली में अक्टूबर माह के दौरान आईएसआईएस प्रेरित “सौत-उल-उम्मह” मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया। इसमें दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया जिनके पास IED निर्माण सामग्री और टाइमर डिवाइस बरामद हुए। वहीं राजस्थान के जालोर से टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) से जुड़े मौलवी ओसामा उमर को पकड़ा गया।
गुजरात में पाकिस्तान ड्रोन नेटवर्क का पर्दाफाश
गुजरात एटीएस ने नवंबर में एक बड़ा पाकिस्तान ड्रोन नेटवर्क उजागर किया। इस कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया जो पाकिस्तान से हथियार और दस्तावेज़ मंगवा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार सप्लाई कर रहा था।
एनआईए और राज्यों के बीच बढ़ा तालमेल
एनआईए और विभिन्न राज्य पुलिस बलों के बीच तालमेल के चलते इन कार्रवाइयों में विदेशी फंडिंग, ऑनलाइन कट्टरपंथ और ड्रोन सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की अब तक की सबसे प्रभावी कार्रवाई साबित हुआ है।

















